22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब डायबिटीज के खतरे से जूझ रहे लोग

- दुनियाभर के लोगों में डायबिटीज कोरोना के साइट इफेक्ट के रूप मे आ रहा सामने

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Tasneem Khan

Sep 15, 2021

People now battling the risk of diabetes

People now battling the risk of diabetes

Jaipur अब दुनिया के शोधकर्ताओं को यह डर सता रहा है कि बड़ी संख्या में कोविड-19 से ठीक हुए मरीज़ों में एक नए तरह के डायबिटीज़ का ख़तरा बढ़ सकता है। डायबिटीज़ से जूझ रहे दुनिया के हर छह लोगों में से एक मरीज भारत का है। एक अनुमान के अनुसार भारत में 7.7 करोड़ डायबिटीज़ के मरीज़ हैं और इस मामले में भारत चीन के बाद दूसरे नंबर पर है। चीन में 11.6 करोड़ लोग इस बीमारी का शिकार हैं। डॉक्टरों को कहना है कि ऐसे हज़ारों लोग हो सकते हैं जिनमें इस बीमारी का अब तक पता नहीं चल पाया है। डायबिटीज़ उन बीमारियों में से एक है जिसके कारण कोरोना वायरस संक्रमित मरीज़ों में कोविड-19 गंभीर रूप अख्तियार कर सकता है। इसके अलावा मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और दिन और फेफड़ों की बीमारी के भी कोविड-19 के गंभीर होने का ख़तरा हो सकता है।

वैक्सीन के भी साइड इफेक्ट्स
कोविड वैक्सीन मूल वायरस की नकल हैं, ये इम्यून रिस्पॉन्स को ट्रिगर करता है जो कोरोना संक्रमण से सक्रिय होकर इम्यून रिस्पॉन्स जैसा दिखता है। बुखार, थकान, मतली से लेकर शरीर के बदन दर्द तक वैक्सीन के आम साइड इफेक्ट्स हैं। उसके अलावा, कई लोगों को खुजली, लाली, इंजेक्शन वाली जगह पर सूजन का अनुभव भी हो सकता है, जो एक या दो दिन में खत्म हो जाता है.

महिलाओं पर असर खराब
सेंटर फोर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, रिसर्च बताती है कि कोविड-19 वैक्सीन के ज्यादातर रिएक्शन उतने गंभीर नहीं हैं, लेकिन पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने वैक्सीन के ज्यादा साइड इफेक्ट्स की रिपोर्ट की। जब कभी किसी को वैक्सीन लगती है, तो शरीर का इम्यून सिस्टम सक्रिय हो जाता है, जो हानिकारक रोगजनकों से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज पैदा करता है। ये बदले में शरीर के सूजन वाले रिस्पॉन्स का कारण बनता है, जिससे साइड इफेक्ट्स होते हैं