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राइट टू हेल्थ बिल का विरोध, कल सभी निजी अस्पताल रहेंगे बंद

गहलोत सरकार की ओर से राइट टू हेल्थ बिल लाया जा रहा है। जिसका विरोध शुरू हो गया हैं।

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राइट टू हेल्थ बिल का विरोध, कल सभी निजी अस्पताल रहेंगे बंद

राइट टू हेल्थ बिल का विरोध, कल सभी निजी अस्पताल रहेंगे बंद

जयपुर। गहलोत सरकार की ओर से राइट टू हेल्थ बिल लाया जा रहा है। जिसका विरोध शुरू हो गया हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने राइट टू हेल्थ बिल को लेकर विरोध जताया है। बिल में शामिल त्रुटियों को हटाने की मांग की है। इसके विरोध में 22 जनवरी यानी रविवार को इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर चिकित्सा सिस्टम को बंद रखने का ऐलान किया है। उधर, यूनाइटेड प्राइवेट क्लिनिक्स एंड हॉस्पिटल्स एसोसिएशन (यूपीसीएचएआर) ने भी राइट टू हेल्थ बिल में शामिल कुछ बिंदुओं पर विरोध जताया है। इनका मानना है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी का भार निजी अस्पतालों पर डालकर मुक्त होना चाहती है। राजस्थान के निजी अस्पतालों पर पर लाइसेंस का भार सर्वाधिक है। जैसे पड़ोसी राज्य हरियाणा में पचास बेड तक के अस्पताल क्लिनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट के दायरे से बाहर हैं पर राजस्थान में नहीं हैं। उन्होंने सीएम के उस बयान का भी विरोध किया। जिसमें निजी अस्पतालों को लुटेरा कहा था। बता दें कि 23 जनवरी से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में सरकार राइट टू हेल्थ बिल लाने वाली है। पूर्व में सरकार ने इस बिल को प्रवर समिति को सौंपा था। प्रवर समिति ने इसमें क्या जोड़ा और क्या घटाया है। इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री ने इस सत्र में बिल लाने की घोषणा कर चुके हैं। विपक्ष ने भी राइट टू हेल्थ बिल के मौजूदा ड्राफ्ट का विरोध किया है।


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