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नवरात्र में नौ दिन होगी मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा

अभिजीत मुहूर्त में होगी घट स्थापना अच्छी बारिश और समृद्धि का योग

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जयपुर

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MOHIT SHARMA

Oct 14, 2023

Shardiya Navratri 2023: नवरात्र में हाथी पर सवार होकर आएगी माता, घट स्थापना के लिए मिलेंगे सिर्फ 46 मिनट, जानें श्रेष्ठ मुहूर्त

Shardiya Navratri 2023: नवरात्र में हाथी पर सवार होकर आएगी माता, घट स्थापना के लिए मिलेंगे सिर्फ 46 मिनट, जानें श्रेष्ठ मुहूर्त

जयपुर. शारदीय नवरात्र की शुरुआत रविवार से पदम तथा बुधादित्य योग के साथ ही चित्रा नक्षत्र में होगी। पहले दिन घट स्थापना के साथ ही नौ दिन मां जगदम्बा के अलग—अलग रूपों की आराधना होगी। बाजारों में दिवाली से पहले अलग—अलग योग-संयोग में खरीदारी परवान पर रहेगी। माता के शृंगार के लिए चुनरी, प्रसाद व पूजन सामग्री की दुकानें सज चुकी है। मंदिरों में सजावट सहित अन्य तैयारियां अंतिम दौर में हैं। आमेर, दुर्गापुरा, झालाना व राजापार्क सहित अन्य दुर्गा मंदिरों में कालीन बिछाने के साथ ही छाया के लिए टैंट लगाया जाएगा।

ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि चार वर्ष बाद रविवार को नवरात्र में मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा, जो कि अच्छी बारिश और समृद्धि का संकेत है। घट स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 11.50 से 12.36 बजे और सुबह 6.30 से 8.47 बजे तक का समय सर्वश्रेष्ठ रहेगा। उन्होंने बताया कि शास्त्रों में देवी के आह्वान, घट स्थापना और पूजन के लिए प्रात:काल का समय सबसे श्रेष्ठ बताया है। नवरात्र के पहले दिन चित्रा नक्षत्र तथा वैधृति योग का संयोग बनने पर शास्त्रों में अभिजीत मुहूर्त के समय घट स्थापना का प्रावधान है। अच्छी बारिश और समृद्धि के योग बन रहे हैं।


शिला माता मंदिर: भक्तों को सुबह-शाम होंगे दर्शन
आमेर स्थित शिलामाता मंदिर में अभिजीत मुहूर्त में रविवार दोपहर 11.55 बजे घट स्थापना होगी। दोपहर 12.55 बजे से भक्त दर्शन कर सकेंगे। पुजारी बनवारी शर्मा ने बताया कि महिला—पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग—अलग लाइन बनाई गई हैं। भक्त 16 अक्टूबर से प्रतिदिन सुबह 6 से दोपहर 12.30 और शाम 4 से 8.30 बजे तक शिला माता के दर्शन कर सकेंगे।

जय क्लब: बंगाल की संस्कृति होगी साकार

प्रोबासी बंगाली कल्चरल सोसायटी की ओर से सी-स्कीम स्थित जय क्लब में नवरात्र के दौरान दुर्गा पूजा उत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए बंगाल से आए कारीगर क्लब परिसर में पांडाल तैयार कर रहे हैं। साथ ही मां दुर्गा की प्रतिमा को मूर्त रूप देने में जुटे हैं। दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान बंगाल की संस्कृति साकार होगी।

शनि के प्रभाव से महायोग
30 साल बाद नवरात्र के पहले दिन विशेष योग बनेगा। शनि के प्रभाव से महायोग शश राजयोग और भद्र राजयोग के साथ ही बुधादित्य योग का संयोग बनेगा।

पं.पुरुषोत्तम गौड़, ज्योतिषाचार्य


तरक्की के लिए अच्छा
वर्तमान में सूर्य और बुध कन्या राशि में विराजमान है, इससे नवरात्रि में बुधादित्य योग बनेगा। करियर और कारोबार में तरक्की के लिए यह योग अच्छा माना गया है।

पं.घनश्याम शर्मा, ज्योतिषाचार्य