
सुखद अहसास दे गए 'गुनगुनाते पल'
मंद-.मंद सर्दी का अहसास देती शाम में संगीत की लहरियां श्रोताओं का सुखद अहसास दे गई। अवसर था दर्शक संस्था और स्वरमय दर्शक की ओर से आयोजित सुरीले कार्यक्रम 'गुनगुनाते पल' का। कार्यक्रम की संयोजिका व उद्घोषिका लेखिका व कोरियोग्राफर प्रमिला राजीव रही कार्यक्रम का निर्देशन संगीत गुरु व गायक राजीव भट्ट ने किया। कार्यक्रम में लगभग 25 नए उभरते गायक.गायिकाओं ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। कार्यक्रम में सिने संगीत के स्वर्णिम युग के गीत गाए गउ,जिसमें ज्योत्सना भाटी ने चर्चित गीत अगर मुझसे मुहब्बत है को सुरीले अंदाज में गा कर दर्शकों को आत्मविभोर कर दिया। सुनील जैन ने सुहाना सफर और ये मौसम हसीं को तन्मयता से प्रस्तुत किया। सलमा आगा के गाए गीत रवां भी है जवां जवां को सौम्या वर्मा ने अपनी आवाज दी । एडवोकेट अरविन्द शर्मा ने पुकारता चला हंू मैं,गीत के साथ सभी को गाने के लिए मजबूर कर दिया। इसी प्रकार पीयूष कुमार ने कौन है जो सपनों में आया,गीत गाकर अपनी आवाज का जादू बिखेरा। नूतन जैन, निधि मिश्रा,नेहा नामा बेतन कानूनगो, हर्षवर्धन राजपुरोहित दिया,मोहित, खुशबू कंगवानी,जयन्त, सुनीता यादव,वीणा कवोलियो आदि सभी ने पुराने फिल्मी गीत गाकर श्रोताओं को झूमने के लिए मजबूर किया। कार्यक्रम में कपिल बालोदिया ने की.बोर्ड पर,पवन बालोदिया ने गिटार पर राजेन्द्र डोगी ने तबले पर व मुकेश खाण्डे ने ऑक्टापेड पर सधी हुई संगत कर कार्यक्रम में चार चांद लगाए। हर्षवर्धन के गीत दिन ढल जाए हाए रात न जाए ने श्रोताओं को आनन्द में डूबने को मजबूर कर दिया।
Published on:
07 Nov 2022 04:02 pm
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