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अन्य निकाय भी करें गोमाता के लिए सम्मानित शब्द का प्रयोगः उपमहापौर पुनीत कर्णावट

नगर निगम ग्रेटर जयपुर की ओर से गाय के लिए आवारा शब्द के बजाय बेसहारा या आश्रयहीन शब्द इस्तेमाल करने की पहल को प्रदेश के अन्य नगर निकायों में भी लागू करवाने की कवायद शुरू की गई है।

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municipal bodies should use respected word for Gomata: Puneet Karnawat

जयपुर। नगर निगम ग्रेटर जयपुर की ओर से गाय के लिए आवारा शब्द के बजाय बेसहारा या आश्रयहीन शब्द इस्तेमाल करने की पहल को प्रदेश के अन्य नगर निकायों में भी लागू करवाने की कवायद शुरू की गई है। उपमहापौर पुनीत कर्णावट ने प्रदेश के अन्य निकायों के प्रमुखों एवं आयुक्तों को पत्र लिखकर यह आग्रह किया है कि उनके क्षेत्र में भी गाय के लिए आवारा शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाए।

उन्होंने सभी से आग्रह किया है कि भारतीय संस्कृति में गाय का सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक महत्व है। हम गाय को माता कहकर सम्बोधित करते है। वहीं दूसरी और सड़क, गली आदि में घूमने वाली गायों के लिए आवारा शब्द इस्तेमाल किया जाता है जो गोमाता के सम्मान को ठेस पहुंचाता है।

उन्होंने सभी से अपील की है कि गौमाता के सम्मान के लिए गाय के लिए बेसहारा या आश्रयहीन शब्द इस्तेमाल करवाया जाए। उपमहापौर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सभी निकायों में इस सम्बन्ध में उचित दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह भी किया है।