15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मतदान 90 प्रतिशत से अधिक हो या दस से कम, संदेह के घेरे में आएगा

चुनाव के दौरान क्रिटिकल बूथ घोषित करने का एकमात्र कारण यह नहीं कि यहां बूथ कैप्चरिंग हुई थी या झगड़ा हुए थे। इसके पीछे उनसभी घटनाक्रम को संदेह की दृष्टि से देखा जाता है, जो अप्रत्याशित रहती है। मसलन, बूथ पर 90 प्रतिशत से अधिक पोलिंग होने पर आयोग सतर्क हो जाता है। यही नहीं दस प्रतिशत से कम पोलिंग होना ही संदेह पैदा करता है।

2 min read
Google source verification
मतदान 90 प्रतिशत से अधिक हो या दस से कम, संदेह के घेरे में आएगा

मतदान की तैयारियां- उदयपुर के गांधी ग्राउंड के भंडारी दर्शक मंडप में मतदान दलों  के लिए मतदान काम आने वाली सामग्री का किट तैयार करते कर्मचारी।

जयपुर. अप्रत्याशित रूप से अधिक व कम पोलिंग के साथ यह भी ध्यान रखा जाता है कि किसी एक के पक्ष में अत्यधिक वोट तो नहीं पड़े हैं। बूथ पर किसी एक ही प्रत्याशी के पक्ष में 75 प्रतिशत से अधिक वोट पड़ने पर उस बूथ को निगरानी की श्रेणी में लिया जाता है। अधिक पोलिंग को लेकर इसबार 1015 बूथों को निगरानी में रखने का निर्णय लिया है। इनमें से सबसे अधिक बूथ बाड़मेर में 128 व जैसलमेर 113 हैं। हालांकि क्षेत्र के लोग इसके पीछे एक कारण यह भी बताते हैं कि यहां बूथों पर अपेक्षाकृत कम वोटर होते हैं। इस कारण कुछ बूथों पर पोलिंग प्रतिशत अधिक रहता है। ऐसे बूथों की सबसे कम संख्या श्रीगंगानगर में मात्र एक है।
दस प्रतिशत से कम पोलिंग वाले बूथ सबसे अधिक धौलपुर है। यहां तीन बूथ ऐसे हैं, जहां गत चुनावों में कोई वोट डालने ही नहीं आया। चुनाव आयोग ने इसकी पड़ताल की तो सामने आया कि क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हुए, जिसके विरोध में लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया था। इसको देखते हुए चुनाव आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस बार निर्देश दिए हैं कि कहीं इस तरह की बात अभी सामने आ रही है तो उसके निस्तारण के प्रयास किए जाएं। आयोग ने इस बार अत्यधिक मतदान का उद्देश्य रखा है।

26 हजार मतदान केन्द्रोंगी लाइव वेबकास्टिंग

चुनाव आयोग के निर्देशानुसार महत्वपूर्ण मतदान केन्द्रों और संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित सभी मतदान केन्दों की इस बार लाइव वेबकास्टिंग होगी। इससे पहले केवल संवेदनशील मतदान केन्द्रों पर मात्र वीडियो रिकाॅर्डिंग की जाती थी। इसबार बूथों का दायरा भी बढ़ाया गया है तथा तकनीक का उपयोग करते हुए लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की है। सहायक मतदान केन्दों सहित पचास प्रतिशत (26 हजार) मतदान केन्द्रों की लाइव वेबकास्टिंग की जाएगी।

ये क्रिटिकल बूथों की स्थिति
प्रदेश में कुल बूथ 13367

जयपुर- 1380
दौसा- 907

भरतपुर 764
नागौर 661

अलवर 639

ऐस बूथ जहां 90 प्रतिशत से अधिक पोलिंग या एक ही प्रत्याशी के पक्ष में 75 प्रतिशत पोलिंग

प्रदेश में कुल 1015
बाड़मेर 128
जैसलमेर 131

अलवर 90
जोधपुर 59
झालावाड़ 53
सबसे कम
श्रीगंगानगर 1
डूंगरपुर 2
हनुमानगढ़ 2

राजसमंद 3

प्रतापगढ़ 4

ऐसे बूथ जहां दस प्रतिशत से कम पोलिंग
प्रदेश में 18

टोंक 4

धौलपुर 3

सीकर 2
झुंझुनूं 2


बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग