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जयपुर। भाजपा ने मिशन 2023 के विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारी शूरू कर दी है। इसके तहत पहले संगठन को मजबूत बनाने का काम किया जा रहा है। पूरे प्रदेशभर में सशक्त मंडल अभियान के जरिए चार महीने में निष्क्रिय पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाने का काम चल रहा है। पिछले चार महीने में प्रदेशभर में 66 मंडल अध्यक्षों को बदला जा चुका है।
निष्क्रियता की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई—
पार्टी सूत्रों के अनुसार पहले ये बदलाव उन मंडलों में किया गया है जहां विस्तारक, संगठन प्रभारी और संबंधित जिला अध्यक्ष ने निष्क्रियता को लेकर रिपोर्ट दी थी। कुछ जगहों पर मंडल अध्यक्षों का निधन भी हो गया था। ऐसे में पार्टी चाहती है कि इस साल के मध्य तक संगठन की शेष नियुक्त्यिों के साथ निष्क्रिय पदाधिकारियों को बाहर कर दिया जाए ताकि चुनाव की तैयारियों को लेकर पूरा समय मिल सके। इसी वजह से प्रभारी विस्तारक व जिलाध्यक्षों की रिपोर्ट के आधार पर पार्टी मंडल अध्यक्षों को बदल रही है।
51 मंडल भी बढ़ाए
सशक्त मंडल अभियान के जरिए भाजपा बूथ स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इस वजह से मंडलों की संख्या को भी बढ़ाया गया है। यह संख्या परिसीमन के जरिए नहीं बल्कि कामकाज की सक्रियता के आधार पर बढ़ाए गए हैं। राजस्थान भाजपा में पूर्व में 1067 मंडल हुआ करते थे, लेकिन हाल ही में संगठन संरचना में बदलाव करते हुए उन मंडलों को विभक्त कर नए मंडल बनाए गए हैं। भाजपा में अब 1118 मंडल काम कर रहे हैं।
जारी रहेगा ये बदलाव
भाजपा के सशक्त मंडल अभियान के दौरान भले ही मंडल में सक्रियता को आधार मानकर बदलाव किया जा रहा है। मंडल के बाद जिला और मोर्चों में भी इसी प्रकार सक्रियता को आधार मानते हुए बदलाव किए जाएंगे। यह काम अप्रेल बाद शुरू होने के आसार हैं।
Published on:
18 Feb 2022 12:29 pm
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