
जयपुर। कर्नाटक चुनाव घोषणा पत्र में कांग्रेस पार्टी की ओर से हिंदूवादी संगठन बजरंग दल को बैन करने के वादे को लेकर अब देशभर में सियासत छिड़ गई है। बीजेपी जहां इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी पर हमलावर है और तुष्टिकरण के आरोप लगा रही है तो वहीं कर्नाटक के बाद अब यह मामला राजस्थान भी पहुंच गया है, जहां पर गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री गोविंद राममेघवाल ने भी बजरंग दल पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
मेघवाल ने कहा कि कर्नाटक और राजस्थान अलग-अलग नहीं हैं। भगवान श्री राम का नाम लेकर अपराध करने करने की इजाजत यहां पर नहीं दी जाएगी और ऐसे लोगों से सख्ती से निपटेगे। उन्होंने कहा कि बजरंग दल के लोग धर्म के नाम पर लोगों की मॉब लिंचिंग करते हैं। इस तरह की घटनाएं बर्दाश्त नहीं होगी।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करके लेंगे फैसला
वहीं कर्नाटक की तर्ज पर राजस्थान में भी आगामी विधानसभा चुनाव में बजरंग दल को बैन के सवाल पर गोविंद मेघवाल ने कहा कि इस पर पार्टी नेताओं के साथ बैठक होगी और विचार विमर्श के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बजरंग दल में चुन-चुन कर अपराधिक छवि के लोगों को भर्ती किया जाता है, अगर इनका रिकॉर्ड निकाला जाए तो इन पर गंभीर मामले दर्ज हैं।
बजरंग दल पर प्रधानमंत्री का बयान बचकाना
मेघवाल ने कहा कि बजरंग दल के बैन के सवाल पर प्रधानमंत्री का बयान बचकाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कहते है कि बजरंगबली पर ताला लगा दिया, पहले श्रीराम पर ताला लगाया था। मेघवाल ने कहा कि हम किसी धर्म के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन धर्म के नाम पर जो गुंडागर्दी करते हैं, हम उनके खिलाफ है। आज देश में संविधान और लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है, आज जरूरत है कि लोकतंत्र को मजबूत किया जाए। गौरतलब है कि कर्नाटक कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और बजरंग दल पर बैन लगाने का वादा किया गया था।
Published on:
03 May 2023 05:56 pm
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