
चौथ माता मंदिर गोपाल जी का रास्ता जयपुर
जयपुर। माघ कृष्ण चतुर्थी पर आज नए साल की पहली संकष्टी चतुर्थी यानी तिलकुटा चौथ मनाई जा रही है। माघ माह की चतुर्थी को संकट चौथ, तिलकुटा चौथ, संकष्टी चतुर्थी, माघी चौथ, तिलचौथ नाम से भी जाना जाता है। राजधानी जयपुर के चौथ माता व गणेशजी मंदिरों में सुबह से ही दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। मंदिरों में तिल के लड्डू व गजक आदि का भोग लगाया जा रहा है। चौथ माता व गणेश जी की कथा सुनी जा रही है। सुहागिन महिलाएं रात को चांद को अर्घ्य देकर ही अपना व्रत खोलेंगी। इस दौरान पति की लंबी उम्र व घर में सुख—समृद्धि की कामना की जाएगी।
चन्द्रोदय व सूर्योदय दोनों ही चतुर्थी तिथि पर
ज्योतिषाचार्य पं. नरेश शर्मा ने बताया कि तिलकुटा चौथ पर चन्द्रोदय व सूर्योदय दोनों ही चतुर्थी तिथि पर हो रहे हैं। वहीं इस दिन पूर्वा फाल्गुनी व उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्रों के साथ शोभन योग का संयोग रहेगा। जो व्रत करने वाली सौभाग्यवतियों के लिए सुख—समृद्धि लेकर आएगा। पति की दीर्घायु की कामना के लिए महिलाएं शिव परिवार सहित चंद्रदेव की पूजा करेंगी।
कहां कितने बजे निकलेगा चांद
जगह — समय
भरतपुर — रात 9.10 बजे
बीकानेर — रात 9.27 बजे
धौलपुर — रात 9.09 बजे
जयपुर — रात 9.18 बजे
अजमेर — रात 9.23 बजे
उदयपुर — रात 9.27 बजे
कोटा — रात 9.18 बजे
गंगानगर — रात 9.24 बजे
चूरू — रात 9.19 बजे
जैसलमेर — रात 9.38 बजे
पाली — रात 9.28 बजे
बाड़मेर — रात 9.36 बजे
जोधपुर — रात 9.28 बजे
सीकर — रात 9.19 बजे
Updated on:
29 Jan 2024 01:00 pm
Published on:
29 Jan 2024 12:59 pm
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