
पुलिस गिरफ्त में आरोपी पति मनीष
कालवाड़ के चम्पापुरा में अधजला शव मिलने के मामले में पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की 500 से अधिक फुटेज खंगाल कर वारदात का खुलासा किया। पुलिस पूछताछ में आरोपी पति मनीष कुमार शर्मा ने बताया कि पत्नी मुस्कान उस पर शक करती थी। इससे परेशान होकर उसने मुस्कान की हत्या कर दी।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कहा कि मुस्कान से उसकी शादी वर्ष 2005 में हुई थी। वर्ष 2008 में उनके बेटा हुआ। मुस्कान ने पति पर किसी दूसरी महिला से संबंध होने का आरोप लगाया था। इस बात को लेकर दोनों में झगड़ा होने लगा था। दीपावली पर मुस्कान ने महिला थाने में उसके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी। इसके बाद आरोपी ने 23 नवम्बर की रात को मुस्कान की चुन्नी से गला घोंटकर हत्या कर दी।
40 से अधिक पुलिसकर्मियों की तीन टीम बनाईं
अधजले शव की शिनाख्त के लिए पुलिस ने घर-घर दस्तक दी। कुछ लोगों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 23 नवम्बर की रात को चम्पापुरा में सड़क किनारे स्कूटी खड़ी देखी और वहां पर आग की लपटें उठ रही थीं। लपटों के पास एक युवक हेलमेट पहने खड़ा था। उन्हें लगा कि युवक कचरा जला रहा है। इसलिए ज्यादा ध्यान नहीं दिया। पुलिस को यहां अहम सुराग मिलने के बाद 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की तीन टीम बनाई गईं। एक टीम क्षेत्र में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी। दूसरी टीम जयपुर शहर व आस-पास के क्षेत्र में गुमशुदा लोगों की जानकारी जुटाने लगी और तीसरी टीम मुखबिरों के संपर्क में रहकर जानकारी जुटा रही थी।
स्कूटी के आगे बोरा रखकर जाते दिखा आरोपी
डीसीपी संजीव नैन ने एडिशनल डीसीपी रामसिंह शेखावत के नेतृत्व में एसीपी झोटवाड़ा, कालवाड़ थानाधिकारी व जिला विशेष टीम के प्रभारी की टीमें बनाई। एडिशनल डीसीपी शेखावत ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही टीम को एक जगह स्कूटी नजर आई। हेलमेट लगाए हुए आरोपी स्कूटी के आगे बोरा रखकर जाते दिखा और बाद में लौटते समय उसके पास बोरा नहीं था। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो आरोपी के परकोटा क्षेत्र से आने-जाने का पता चला। पुलिस से बचने के लिए मनीष ने शव ठिकाने लगाने के लिए ले जाते समय मोबाइल घर पर छोड़ दिया था।
गुमशुदा की जानकारी जुटाई
पुलिस ने बताया कि जयपुर शहर और आस-पास के क्षेत्रों से लापता महिलाओं और युवतियों के संबंध में जानकारी जुटाई गई। कोतवाली थाने में 29 नवम्बर को आरोपी मनीष ने पत्नी मुस्कान की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया कि 23 नवम्बर की रात करीब साढ़े दस बजे से सुबह तड़के 4 बजे के बीच मुस्कान घर से चली गई। शव जलाने का समय भी इस दौरान का ही था। मुस्कान के माता-पिता के डीएनए की रिपोर्ट से शव मुस्कान का होने की पुष्टि हुई। तब आरोपी मनीष से पूछताछ की गई तो उसने हत्या करना कबूल लिया।
मां-बाप व बेटे को भनक तक नहीं लगने दी
वारदात के समय मंदिर में बने घर में आरोपी के माता-पिता और बेटा भी सो रहा था, लेकिन शव को घर से बाहर ले जाने और देर रात घर लौटने तक की भनक परिजन को नहीं लगने दी। सुबह मुस्कान के घर पर नहीं मिलने पर परिजन ने पूछताछ की तो आरोपी ने कहा कि वह रात को कहीं पर चली गई।
पत्रिका ने उठाया था मुद्दा, कब क्या हुआ
- कालवाड़ थाना पुलिस ने 24 नवम्बर की सुबह शव मिलने के बाद उसे कांवटिया हॉस्पिटल में रखवा दिया और चुनाव ड्यूटी में व्यस्त हो गई। पुलिस ने शव की शिनाख्त के लिए कोई कदम नहीं उठाया। वहीं, कालाडेरा से लापता हुई एक बलात्कार पीडि़ता के परिजन ने शव उनकी बेटी का होने का दावा किया। फिर भी शव की शिनाख्त के लिए पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
- राजस्थान पत्रिका ने 29 नवम्बर को शव की शिनाख्त नहीं करवाने को लेकर परिजन को भटकाने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की। इसके बाद जयपुर ग्रामीण व कमिश्नरेट के 100 से अधिक पुलिसकर्मी शव की शिनाख्त के लिए लगाए गए। पुलिस ने बलात्कार पीडि़ता के परिजन के डीएनए से मिलान करवाने के लिए रक्त के नमूने लिए।
- इस दौरान 30 नवम्बर को पुलिस ने बलात्कार पीडि़ता को जिंदा तलाश लिया। तब पत्रिका ने फिर मुद्दा उठाया और एक दिसंबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया कि आखिरकार अधजला शव किसका है। तब कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने 40 से अधिक पुलिसकर्मियों को मामले के खुलासे के लिए लगाया था और आखिरकार पुलिस ने शव की शिनाख्त की और उसकी हत्या करने वाले को भी गिरफ्तार कर लिया।
Published on:
21 Dec 2023 01:15 am
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