
rajasthan_election_2023_
राजस्थान में विधानसभा चुनाव में जीत और सरकार बनने के बाद भाजपा पूरे उत्साह में है और उसने लोकसभा चुनाव की तैयारियां भी शुरू कर दी है। वहीं कांग्रेस में हार के बाद मायूसी है और पार्टी के नेता भी अगले चुनाव को लेकर फिलहाल कोई तैयारी नहीं कर रहे है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भी निराशा आ रही है।
भाजपा ने शुरू कर दी विकसित संकल्प यात्रा:
विधानसभा चुनाव हारने के बाद कांग्रेस ने तो कोई कार्यक्रम अभी शुरू नहीं किया जबकि भाजपा ने पूरे देश में विकसित संकल्प यात्रा भी शुरू कर दी। इसके जरिए राजस्थान में भी सभी जिलों में कैंप लगवाए जा रहे है। इनमें केन्द्र सरकार की योजनाओं को पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाने का प्लान है। इसके जरिए भाजपा लोगों को जोड़ने और चुनाव में लाभ लेना चाह रही है।
कांग्रेस में फेरबदल का इंतजार:
कांग्रेस में विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब प्रतिपक्ष के नेता का चयन होना है और इसके साथ ही प्रदेश कांग्रेस में नए अध्यक्ष बनाने की चर्चा भी चल रही है। प्रतिपक्ष के नेता के लिए कई युवा चेहरों के नाम भी चल रहे है। कांग्रेस आलाकमान ने मध्यप्रदेश में कमलनाथ को हटाकर जीतू पटवारी को प्रदेशाध्यक्ष बनाया है वहीं छत्तीसगढ़ में प्रदेशाध्यक्ष को नहीं बदला है सिर्फ नेता प्रतिपक्ष पर दूसरे चेहरे को लाया गया है।
दो बार से खाता नहीं खुला कांग्रेस का :
लोकसभा चुनाव में दो बार से कांग्रेस का राजस्थान में खाता तक नहीं खुल पाया। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सभी 25 सीटें जीती थी वहीं 2019 के चुनाव में भाजपा को 24 और एक सीट रालोपा के खाते में गई थी। नागौर से रालोपा के हनुमान बेनीवाल ये चुनाव जीता था। भाजपा ने गठबंधन में यह सीट खाली छोड़ दी थी। यहीं नहीं दोनों चुनावों में कांग्रेस के प्रत्याशियों की हार का अंतर भी बहुत ज्यादा रहा था।
2009 में कब्जा किया था बीस सीट पर:
2009 के लोकसभा चुनाव कांग्रेस के लिए अच्छे नतीजे वाले रहे थे। कांग्रेस ने तब 25 में से 20 सीटें जीत ली थी। भाजपा को सिर्फ चार ही सीटें बीकानेर, चूरू, जालोर और झालावाड़ सीट पर जीत मिली थी। वहीं एक सीट दौसा में निर्दलीय किरोड़ीलाल मीणा ने जीत दर्ज की थी। तब केन्द्र में यूपीए सरकार में राजस्थान से मंत्रिमंडल में कई चेहरे शामिल थे।
समीक्षा बैठक कर इतिश्री: राजस्थान में विधानसभा चुनाव की हार के बाद दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी ने समीक्षा बैठक की और ये भी एक तरह से खानापूर्ति की गई। इसमें राजस्थान के नेताओं ने हार की जिम्मेदारी लेने के बजाय अलग अलग कारण गिना दिए। बैठक के बाद पार्टी नेताओं ने भी औपचारिक बयान दे दिया कि अब नए सिरे से लोकसभा चुनाव की तैयारी की जाएगी और पार्टी उसमें अच्छा प्रदर्शन करेगी।
अभी चंदा लेने का अभियान शुरु किया:
पार्टी ने लाेकसभा चुनाव के लिए जनता से चंदा लेने का अभियान जरूर शुरू किया है ताकि पार्टी की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। अभी हाल ही में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को चार राज्यों में हार का सामना करना पड़ा है। सिर्फ तेलंगाना में ही कांग्रेस की सरकार बनी है।
Published on:
19 Dec 2023 06:42 pm
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