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Aaj Ka Rashifal 15 जून : जानिए आज क्या कहता है आपका भाग्य बता रहे हैं तीन ज्‍योतिषाचार्य

पढ़े तीन ज्‍योतिषियों से राशिफल स‍मेत फैमिली एस्‍ट्रो स्‍पेशल सिर्फ पत्रिका पर

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आपके सवालों के जवाब फैमिली एस्ट्रो स्पेशल पर
ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज के साथ


यहां पाएं चार तरह की एस्ट्रो विधाओं के टिप्स
1). अंकगणित
2). टैरो कार्ड
3). वैदिक ज्योतिष (सनसाइन-मूनसाइन)
4). वास्तु शास्‍त्र
यह कॉलम उन पाठकों के लिए है जो ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से भविष्य के पूर्वानुमानों में भी रुचि रखते हैं। भविष्य के पूर्वानुमान लगाने की लगभग सभी लोकप्रिय विधाओं को समाहित कर इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह देश में एक नए तरह की पहल है। जिसमें पाठक ना केवल दिन से जुड़ी सम्भावनाओं की जानकारी लें सकेगें साथ ही भविष्य से जुड़े प्रश्न भेज पूर्वानुमान प्राप्त कर सकेगें।
इस कॉलम में अंकगणित टैरो कार्ड, सनसाइन, वैदिक ज्योतिष एवं मून साइन के अनुसार ग्रह नक्षत्र के समग्र प्रभाव का पूर्वानुमान और संभावना पर लगातार जानकारियों को साझा करेंगे।

ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज के साथ

अंक ज्योतिष के अनुसार आज का मूलांक 6 है जो 1 और 5 के सहयोग से बना है। वहीं आज का भाग्य अंक एक जो एक और नौ के सहयोग से बना है। इसके मायने यह है कि आज के दिन में संगीत, नृत्य, नाट्य और लेखन साहित्य फिल्मों के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों के लिए विशेष ऊर्जा उपलब्ध रहेगी। धन प्रतिष्ठा और ज्ञान की प्राप्ति होने के अच्छे अवसर मिलने की संभावना है। वे सभी लोग जो इस क्षेत्र में कुछ विशिष्ट करने के लिए लालायित हैं उन्हें आज के दिन की ऊर्जा अपने लक्ष्य तक पहुंचा सकती है। साहस और दृढ़ता के साथ कलात्मकता का यह अद्भुत संयोग है जो जितना प्रयत्न करेगा उससे अधिक पा सकता है। पूर्व में किए गए प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी एकाएक सामने आ सकते हैं। मूलांक 1, 5, 6 और 9 वालों को विशेष लाभ होने की संभावना है। वहीं मूलांक 2, 3, 4, 7 और 8 वालों के लिए संभल कर चलने का दिन है।

टैरो कार्ड में आज का कार्ड है द वर्ल्ड के साथ सिक्स ऑफ वेंडस है। इसके मायने हैं आज अपने कार्य को करने में आपका इंवॉल्वमेंट संपूर्ण रुप से रहेगा। आप आज के दिन को इंजॉय करेंगे सब के साथ आपका व्यवहार बहुत आनंद दाई रहेगा और भावनात्मक रूप से आप साथी के साथ रिश्तो में फुलफिलमेंट फील करेंगे। ऐसे विषयों को जिन पर विवाद हो सकते हैं आज आप इग्नोर करेंगे। उन लोगों का भी खास ख्याल रखेंगे जिनके द्वारा आप कभी न कभी हर्ट हुए हैं। आप चाहेंगे कि आप की उदारता का और आपके अच्छे मूड के साथ अच्छे दिन का वह भी आनंद उठाएं । टैरो कार्ड संदेश देते हैं कि आज के दिन की ऊर्जा सकारात्मक है इसलिए बिना कारण नकारात्मक विषयों को बीच में लाकर माहौल को अशांत ना करें।

सनसाइन के अनुसार आज जहां एक ओर कार्यस्थल पर कुछ विषयों को लेकर भावनात्मक द्वंद और संघर्ष की स्थिति बनी रहेगी। वहीं दूसरी ओर धन और प्रभाव को बढ़ाने के लिए आपको कर्तव्य परायणता दिखाते हुए व्यवस्था मैं सुधार करने के उपाय खोजने होंगे। संतुलित तरीके से किए गए कार्य अपने परिणाम तक पहुंच सकते हैं । आज की स्थिति में वे लोग ज्यादा सफल हो सकते हैं जो अपने कार्यों में भावनात्मक ऊर्जा का भी इस्तेमाल करते हैं।

मूनसाइन के अनुसार आज आसपास के लोगों और प्रकृति की मदद से भावनात्मक ऊर्जा लेते हुए आपके संकल्प पूरे होंगे। वहीं संघर्ष की स्थिति में पारस्परिक धैर्य और सहयोग की भावना से आज के दिन अपने आप को संयमित रखना होगा। नाराज साथी से बात करते समय इमोशनल केयर को प्रेफरेंस देनी होगी तभी वांछित परिणाम पा सकेंगे।


आपका सवाल

प्रश्न: क्या बजरंग बाण का पाठ रोज करना चाहिए?
उत्तर: बजरंग बाण का पाठ करने से पहले आचरण में शुद्धता का ख्याल रखना होता है। ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए किसी घोर संकट में ही इस पाठ को उच्च स्तरीय आचार्यों के दिशा निर्देश मैं ही करना चाहिए यह आम साधना नहीं है इसके प्रभाव शीघ्र मिलते हैं लेकिन इसको करने से पहले बहुत सारे नियमों की पालना भी करनी पड़ती है।

आज का दैनिक राशिफल ज्यो पं चंदन श्याम नारायाण व्यास पंचांगकर्ता के साथ

मेष- नए संबंधो में नजदीकी बढ़ेगी किसी का बेसब्री से इन्तजार होगा। कार्यस्थल पर सहकर्मियों से मनमुटाव होगा। मामूली बात पर विवाद की स्थिति बन सकती है। आकस्मिक धन लाभ संभव। यात्रा हो सकती है।

वृषभ-अपने से बड़ों की राय आप को सफलता के रास्ते दिखाएगी। परीक्षा परिणाम अनुकूल रहेंगे। अपने करीयर में बदलाव लाना चाहते हैं। वैवाहिक अड़चने दूर करने के लिए ॐ भोमाय नमह का नियमित जाप करें लाभ होगा।

मिथुन- पारिवारिक समारोह में जाने के योग हैं। मौज मस्ती में समय व्यतीत होगा। संतान की पढ़ाई को ले कर चिन्तित रहेंगे। राजकार्य से जुड़े लोगों को आज नहीं जिम्मेदारी मिल सकती है। कार्यस्थल पर माहौल सामान्य रहेगा।

कर्क-अपने बच्चों से मित्रवत व्यवहार करें। आप की मन मर्जी से नुकसान हो सकता है। मेहनत करें भाग्य बदल जाएगा। समय रहते कार्य पूरा करें। आकस्मिक यात्रा हो सकती है। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।


सिंह-अपने जीवन साथी को समझने की कोशिश करें। आप की जीभ सुधार लें जीवन खुदबखुद सुधर जाएगा। नए व्यापारिक सौदे होंगे। धर्म कर्म में रूचि बढ़ेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कारोबार में उन्नति सम्भव।

कन्या-आप को कोई भी समझ नहीं पाया है। कभी क्या कभी क्या एक मत नहीं रहते। संतान के कार्यों में व्ययवृद्धि होगी। पारिवारिक चिंता तथा तनाव में रहेंगे। जोखिम-जमानत के कार्य टालें। अस्वस्थता व आलस्य रहेंगे।
तुला-परिणय चर्चाओं में सफलता मिलने के योग हैं। कारोबार में बड़े निवेश से बचें। संतान के पक्ष में कोई बड़ा फैसला लेना होगा। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का तबादला हो सकता है। धार्मिक आयोजनों का लाभ मिलेगा।
वृश्चिक- झूठ बोल कर खुद नुकसान कर बैठेंगे। विलासिता के सामानों पर भारी खर्च की उम्मीद है। नए संबंधो से लाभ मिलेगा। तेल तिलहन आनाज और वस्त्रों के व्यवसाई लाभान्वित होंगे। समय अच्छा है।

धनु- व्यापार में बदलाव की स्थिति बनेगी। आकस्मिक धन लाभ होगा। वाहन मशिनरी का प्रयोग सावधानी से करें। कार्य की अधिकता से व्यस्त रहेंगे। प्रेम प्रसंग में सफलता मिल सकती है।
मकर- मानसिक तनाव आज शांत होगा। कई दिनों से जो कार्य रुके हुए थे वे आज सहज ही हो जाएंगे। जिस व्यक्ति के बारे में आप सोच रहे हैं, वह आज मिल सकता है। पुराना दिया हुआ पैसा आज मिलने वाला है।

कुम्भ- आप की कार्य कुशलता से स्वयं लोग प्रभावित होंगे। करियर में स्थिरता नहीं मिलने से तनाव में रहेंगे। भावनात्मक संबंधों में नजदीकियां बढ़ेगी।

मीन-अतिथियों का आगमन होगा। आज के सारे काम अटके रहेंगे। भूमि में निवेश से लाभ होगा। अपनी बात को अधिकारी वर्ग को समझाने में सफल होंगे। आत्मविश्वास में कमी के चलते योग्यता अनुसार सफलता नहीं मिलेगी।

ग्रह-नक्षत्र ज्योतिर्विद: पंडित घनश्यामलाल स्वर्णकार के साथ

शुभ वि. सं: 2080
संवत्सर का नाम: पिङ्गल
शाके सम्वत: 1945
हिजरी सम्वत: 1444
मु. मास: जिल्काद-25
अयन: उत्तरायण
ऋ तु: ग्रीष्म
मास: आषाढ़
पक्ष: कृष्ण

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि वार, नक्षत्र व योगानुसार आज किसी शुभ व मांगलिक कार्यादि के शुभ मुहूर्त नहीं हैं। द्वादशी भद्रा संज्ञक तिथि प्रात: 8-33 बजे तक, तदुपरांत त्रयोदशी जया संज्ञक तिथि है। द्वादशी तिथि में सभी चर-स्थिर कार्य, विवाहादि मांगलिक कार्य व जनेऊ आदि शुभ होते हैं। पर तेल लगाना व यात्रा नहीं करना चाहिए। त्रयोदशी तिथि में जनेऊ को छोडक़र सभी शुभ व मांगलिक कार्य शुभ होते हैं।

श्रेष्ठ चौघडिय़ा: आज सूर्योदय से प्रात: 7-19 बजे तक शुभ, प्रात: 10-44 बजे से अपरान्ह 3-52 बजे तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत तथा सायं 5-35 बजे से सूर्यास्त तक शुभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 11-59 बजे से दोपहर 12-54 बजे तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्त्युत्तम हैं।

दिशाशूल: गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चंद्र स्थिति के अनुसार आज पूर्व दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।

राहुकाल: दोपहर बाद 1-30 बजे बजे से अपरान्ह 3-00 बजे तक राहुकाल वेला में शुभ कार्यारम्भ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

चंद्रमा: चन्द्रमा रात्रि 8-23 बजे तक मेष राशि में व इसके बाद वृष राशि में होगा।

नक्षत्र: भरणी "उग्र व अधोमुख" संज्ञक नक्षत्र दोपहर बाद 2-12 बजे तक है। इसके बाद कृतिका "मिश्र व अधोमुख" संज्ञक नक्षत्र रहेगा। भरणी नक्षत्र में साहस, दारुण, शत्रुमर्दन, बंधन, कुआं, बावड़ी व कृषि सम्बन्धी कार्य और कृतिका नक्षत्र में सभा, साहस, अग्निग्रहण, व विवादादिक कार्य सिद्ध होते हैं।

योग: सुकर्मा नामक नैसर्गिक शुभ योग अद्र्धरत्र्योत्तर 2-02 बजे तक, तदुपरांत धृति नामक नैसर्गिक शुभ योग है।

विशिष्ट योग: यमघण्ट नामक अशुभ योग दोपहर बाद 2-12 बजे से अगले दिन सूर्योदय तक है। यमघण्ट नामक योग में विशेषकर यात्रा नहीं करना चाहिए।

करण: तैतिल नामकरण प्रात: 8-33 बजे तक तदन्तर गर वणिजादिक करण क्रमश: है।

व्रतोत्सव : आषाढ़ संक्राति, सूर्य मिथुन में प्रवेश सायं 6-16 बजे पर, पुण्यकाल दोपहर 11-52 बजे से, प्रदोष व्रत व राजस संक्राति (ओडिशा) ।

आज जन्म लेने वाले बच्चे

आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (ले, लो, अ, इ, उ) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। रात्रि 8-23 तक जन्मे जातकों की जन्म राशि मेष व इसके बाद जन्मे जातकों की जन्म राशि वृष है। मेष राशि के स्वामी मंगल व वृष राशि के स्वामी शुक्रहंै। इनका जन्म स्वर्णपाद से है। जो कुछ पीड़ाकारक है। सामान्यत: ये जातक सत्यप्रिय, खुश, सुखी, सुमार्गी, अस्थिर मनोवृत्ति वाले, दीर्घायु पर कामलोलुप होते हैं। इनका भाग्योदय 26 वर्ष की आयु के बाद ही होता है। मेष राशि वाले जातकों के राशि स्वामी मंगल की शनि पर विशेष दृष्टि है। शनि- मंगल का षडाष्टक योग कुछ तनाव व विवाद का कारक हो सकता है। स्वास्थ्य की भी कुछ परेशानी रहेगी।

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