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Aaj Ka Rashifal 4 June : जानिए क्या कहते हैं आपके सितारे बता रहे हैं तीन ज्योतिषाचार्य

पढ़े तीन ज्‍योतिषियों से राशिफल स‍मेत फैमिली एस्‍ट्रो स्‍पेशल सिर्फ पत्रिका पर

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आपके सवालों के जवाब फैमिली एस्ट्रो स्पेशल पर
ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज के साथ

यहां पाएं चार तरह की एस्ट्रो विधाओं के टिप्स
1). अंकगणित
2). टैरो कार्ड
3). वैदिक ज्योतिष (सनसाइन-मूनसाइन)
4). वास्तु शास्‍त्र
यह कॉलम उन पाठकों के लिए है जो ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से भविष्य के पूर्वानुमानों में भी रुचि रखते हैं। भविष्य के पूर्वानुमान लगाने की लगभग सभी लोकप्रिय विधाओं को समाहित कर इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह देश में एक नए तरह की पहल है। जिसमें पाठक ना केवल दिन से जुड़ी सम्भावनाओं की जानकारी लें सकेगें साथ ही भविष्य से जुड़े प्रश्न भेज पूर्वानुमान प्राप्त कर सकेगें।
इस कॉलम में अंकगणित टैरो कार्ड, सनसाइन, वैदिक ज्योतिष एवं मून साइन के अनुसार ग्रह नक्षत्र के समग्र प्रभाव का पूर्वानुमान और संभावना पर लगातार जानकारियों को साझा करेंगे।

ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज


अंकगणित के अनुसार आज का मूलांक चार है जो एक और तीन के सहयोग से बना है। वहीं आज के दिन का भाग्य अंक 8 है। इसके मायने यह है कि आज के दिन में विभिन्न प्रकार की सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा मौजूद रहेगी। जिस प्रकार का आपका व्यवहार और कार्य होंगे वैसे ही परिणाम मिलने की संभावना है। प्रबंधकीय कार्यों में धन की उपलब्धता जहां विशेष प्रयोजनों को पूर्ण करने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। वहीं कार्यक्रम के प्रति या व्यक्तियों को लेकर पूर्वाग्रह रखना परिणाम की व्यापकता और उद्देश्य की पवित्रता को दूषित कर सकता है। कठोर परिश्रम से प्राप्त की गई सफलता भी वह ऊंचाई देने में असमर्थ रहेगी। जिसकी प्रारंभिक तौर पर योजना बनाई गई थी। वहीं सकारात्मक और निस्वार्थ भाव से किए गए कार्य आज स्थाई कीर्ति को जन्म दे सकते हैं। मूलांक 1, 3, 4, 8 और 9 वालों के लिए आज का दिन बेहतर है वही मूलांक 2, 5, 6, 7 वालों को संभल कर चलने की आवश्यकता रहेगी।

टैरो कार्ड में आज का कार्ड द टेंपरेंस के साथ सेवन ऑफ वैंड्स है। इसके मायने हैं कि आज का दिन लोगों के बीच संतुलन बनाने उनको जोड़ने और उनसे उनका बेहतर करवाने से प्रेरित रह सकता है। अपने विचारों, कार्यों या इरादों को दूसरों के साथ साझा करते हुए उन्हें सहयोग देते हुए अपने और उनके कार्य में सकारात्मक परिणाम मिलने की तिथि तक जूझने और सफलता पाने से प्रेरित रह सकते हैं। टैरो कार्ड आज संदेश देते हैं की लोगों का प्रतिनिधित्व करते समय अपनी महत्वाकांक्षा को थोड़ा कम करने और उनका सहयोग करने की भावना के साथ कार्य करें।

सनसाइन के अनुसार आज का दिन कार्यस्थल पर आपस में वैचारिक संघर्ष और अपने अपने कार्य को लेकर के थोड़ी तनावपूर्ण स्थिति को दर्शाता है। साथ में उन लोगों के लिए और भी ज्यादा विषम स्थिति उत्पन्न हो सकती है जो किसी न किसी स्वार्थ की वजह से एक दूसरे का फेवर कर रहे थे। यह कूट संबंध हो सकता है कि आज सही तरीके से काम ना करें। स्वार्थ वर्ष ही सही एक दूसरे के लिए नकारात्मक विचार उत्पन्न होने के कारण संकालु होने के कारण इनट्यूशन भी नकारात्मक रूप से कार्य कर सकते हैं। ऐसे में जो लोग अपने आप को संतुलित रख पाए और जिनका चिंतन पॉजिटिव रहा वे लोग आज के दिन का विशेष लाभ उठा पाएंगे। जैमिनी, कैंसिरियन, स्कॉर्पियो, एक्वेरियस ,और पाइसेजके लिए भावनात्मक उसके लिए थोड़ी ज्यादा हो सकती है।

मूनसाइन के अनुसार आज का दिन भावनात्मक रूप से बेहद थका देने वाला दिन भी हो सकता है। अगर दो लोग एक ही विषय पर अलग-अलग राय रखते हों तो एक दूसरे को सहमत रखना आज बहुत मुश्किल होगा। लेकिन अगर दोनों की राय एक है तो आज का दिन नए भुला देने वाला दिन भी साबित हो सकता है। प्रेम में आज विशेष भावनात्मक ऊर्जा महसूस हो सकती है। शिकायतों को दूर करके आज अगर इस ऊर्जा का उपयोग सद्भाव और शांति के लिए किया गया तो इस से सारे तनाव और समस्याएं बहुत आसानी से दूर की जा सकेंगी।

कैसा रहेगा आपका नौकरीपेशा राशिफल?
नौकरी पेशा लोगों के लिए यह सप्ताह विशेष रूप से परिश्रम करने वाला रह सकता है। जो लोग टारगेट से जुड़े हुए मार्केटिंग की जॉब में जुड़े हुए हैं उन्हें थोड़ी ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं कार्यभार की अधिकता सप्ताह के प्रथम 2 दिनों में मुश्किल हालात पैदा कर सकती है। साथी जनों और अधिकारियों के बीच संबंध थोड़े कठोर हो सकते हैं। वहीं सप्ताह का मध्य काल परिश्रम में थोड़ी सफलता मिलने से मन को आश्वस्त करेगा। सप्ताह के अंतिम 2 दिन थोड़े रिलैक्स हो सकते हैं। अधिकारियों और साथी कर्मियों के साथ आगामी योजनाओं पर अच्छी वार्ता धमकी ठीक उपलब्धता और नए कार्यों या योजनाओं के प्रति आशा और विश्वास प्रगति के लिए परिश्रम करने को प्रेरित करेगा।

आपका सवाल

प्रश्न: गर्भधान संस्कार करवाने के पीछे क्या कारण है?
उत्तर: गर्भाधान संस्कार सनातन संस्कृति में बहुत महत्वपूर्ण संस्कार है। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है की आने वाली संतान बहुत ज्ञानवान, चरित्रवान और ईश्वर का विशेष आशीर्वाद लिए हुए हो विशिष्ट ज्ञानी व्यक्तियों के देखरेख में सही दिन का चुनाव करके इस संस्कार को किया जाता है। संस्कार में दिन का विशेष महत्व है जो ज्योतिष की गणना करके नक्षत्रों सितारों के अनुसार इस दिन को निर्धारित करते हैं। ऐसा माना जाता है की ग्रहों की स्थिति ही आने वाले जीवन के पूरे चरित्र को निर्धारित करती हैं तो ऐसे में कई दिन के चयन का बहुत महत्व हो जाता है। वैज्ञानिक रूप से देखें तो कुछ वैज्ञानिकों की यह भावना है की कुछ खास दिनों में कंसीव किए गए बच्चे सकारात्मक या नकारात्मक सोच लिए हो सकते हैं। इसका कारण माता-पिता की मानसिक स्थिति का पड़ने वाला प्रभाव होता है। ऐसा माना जाता है की फुल मून या जीरो मून के दिन भावनात्मक रूप से लो या हाई होना बहुत सारी स्टडीज में सही पाया गया है। ऐसे में सही दिन का चुनाव वैज्ञानिक कारणों से भी आजकल चर्चा में है लेकिन सनातन संस्कृति में हजारों साल पूर्व इस बात को बहुत महत्व दिया गया है। कंसीव करने का दिन अगर अनुकूल होता है तो आने वाले जीवन पर इसका बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ता है इसीलिए सनातन संस्कृति में गर्भाधान संस्कार का बहुत महत्व है।

आज का दैनिक राशिफल ज्यो पं चंदन श्याम नारायाण व्यास पंचांगकर्ता के साथ

मेष:- पिता के सहयोग से कार्य सफल होंगे। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। किया गया श्रम सार्थक होगा। अधीनस्थ कर्मचारी या भाई पड़ोसी आदि के कारण तनाव मिल सकता है।अपने राज दूसरे को बताने से बचें।

वृषभ:- आप के अपनों से राजनीति का शिकार हो सकते हैं। सामाजिक जीवन में लोकप्रियता बढ़ेगी। लेन-देन में सावधानी बरतें। जीवनसाथी से संबंध प्रगाण होंगे। बुजुर्गों की भावनाओं का सम्मान करें। आय बढ़ेगी।

मिथुन:- पारिवारिक कार्यक्रमों में ज्यादा व्यस्त रहेंगे। नौकरी में तरक्की की संभावनाएं बनी रहेंगी। छोटी-छोटी समस्याओं से घबराने की बजाय हिम्मत से काम लें। यात्रा सम्भव है।

कर्क :- परिवारिक उलझे मामले सुलझने के आसार हैं। रुका धन मिलने की संभावना हैं। दूसरों के मामलों में दखल से बचें। सामूहिक कार्यों में सबकी सलाह लें। स्वास्थ्य में ताजगी बनी रहेगी।

सिंह :- जो भी करते हैं लोगों कि परवाह नहीं करते। ऑफिस में व्यस्तता के चलते घरेलू कार्यों पर ध्यान नहीं दें पाएंगे। सोच-समझकर उधार दें। व्यक्तिगत संबंध मधुर होंगे। प्रॉपर्टी में निवेश का सही समय हैं। विरोधियों को उन्हीं की चालों में फंसा देंगे।

कन्या- अपने व्यवहार से अधिकारियों का दिल जित लेंगे। व्यापारिक योजनाओ पर खर्च होगा। राजकीय मामले सुलझने से राहत मिलेगी। तनाव होने से निर्णय नहीं ले पाएंगें। शांति से समय व्यतीत करें।

तुला:- आप जिन लोगों को अपना माना रहे हैं वे आप की निंदा करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। साझेदारी में टकराव टालने की कोशिश सफल रहेगी। बातचीत में नरमी बरतें। नई योजना शूरू करने का अनुकूल समय है। कारोबारी विस्तार का मन बनेगा।

वृश्चिक:- आप की मनमानी और लापरवाही के कारण अच्छी योजना हाथ से निकल सकती हैं। राजकीय मामले पक्ष में हल हो सकते हैं। मधुर व्यवहार से पारिवारिक समस्या का समाधान होगा। दाम्पत्य सुख मिलेगा।

धनु:- व्यवसायिक अटके काम पूरें होंगे। बेरोजगारों को नौकरी मिलेगी। युवाओं को अध्ययन के लिए विदेश जाना पड़ेगा। भावनात्मक संबंध रिस्तों में बदल सकतें हैं। धन आगमन सम्भव है।

मकर :- अपने वाक्चातुर्य और कार्यकुशलता से खास पहचान बना लेंगे। परिवार के साथ घूमने का कार्यक्रम बनेगा। जरूरी काम रुकने से तनाव होगा। प्रियजन से मुलाकात सुखद रहेगी। मेहनत से काम करें सफलता मिलेगी।

कुम्भ:- दिन की शुरुआत मंगलमय होगी। पारिवारिक जीवन सुखमय होगा। गृहोपयोगी वस्तुओं में वृद्धि होगी। धन, सम्मान, यश, कीर्ति में वृद्धि होगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। स्थानान्तरण व विभागीय परिवर्तन के योग हैं।

मीन:- जिन लोगों को स्वयं पर भरोसा रहता है, वे सभी कार्य आसानी से पूरे कर लेते हैं। मेहनत के बल पर मुश्किल काम भी आसानी से कर लेंगे। दूसरों को दोष देने की बजाय अपनी कमियां दूर करें। प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिल सकती हैं। व्यापारिक विस्तार की योजना बनेगी।

ग्रह-नक्षत्र ज्योतिर्विद: पंडित घनश्यामलाल स्वर्णकार के साथ

शुभ वि. सं: 2080
संवत्सर का नाम: पिङ्गल
शाके सम्वत: 19415
हिजरी सम्वत: 1444
मु. मास: जिल्काद-14
अयन: उत्तरायण
ऋ तु: ग्रीष्म
मास: ज्येष्ठ
पक्ष: शुक्ल

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज प्रात: 7-19 बजे से दोपहर 12-25 बजे तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत तथा दोपहर बाद 02-07 से अपराह्न 3-49 तक शुभ के श्रेष्ठ मुहूर्त है तथा दोपहर 11-57 बजे से दोपहर 12-52 बजे तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

तिथि: पूर्णिमा पूर्णा संज्ञक तिथि प्रात: 9-12 बजे तक, तदुपरान्त आषाढ़ मास कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा प्रारम्भ हो जायेगी। पूर्णिमा तिथि में सभी मांगलिक कार्य, अलंकार, चित्रकारी, प्रतिष्ठा, यज्ञकर्म और घर सम्बन्धी कार्य और कृष्ण प्रतिपदा में विवाहादि सभी मांगलिक कार्य शुभ होते हैं।

नक्षत्र: ज्येष्ठा ‘‘तीक्ष्ण व तिङर््यंमुख’’ संज्ञक नक्षत्र अन्तरात 3-23 बजे तक , तदन्तर मूल ‘‘तीक्ष्ण व अधोमुख’’ संज्ञक नक्षत्र है। ज्येष्ठा और मूल दोनों गण्डान्त संज्ञक नक्षत्र भी है। ज्येष्ठा नक्षत्र में तीक्ष्ण संज्ञक कार्य, शत्रुवध, प्रहार, कारीगरी, जड़ूला, मुण्डन आदि विषयक कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं।

योग: सिद्ध नामक नैसर्गिक शुभ योग पूर्णह्न 11-58 बजे तक, तदन्तर साध्य नामक नैसर्गिक शुभ योग है।

विशिष्ट योग: सर्वार्थसिद्धि नामक शुभ योग रात्रि 3-23 बजे से सूर्योदय तक तथा ज्वालामुखी नामक अशुभ योग भी रात्रि 3-23 बजे से है।

करण: बव नामकरण प्रात: 9-12 बजे तक, तदन्तर बालवादि करण हैं।

व्रतोत्सव: आज सत्य व्रत, ज्येष्ठी पूर्णिमा, संत कबीर जयन्ती, ज्येष्ठ श्रुति पूर्णिमा पर्व (जैन), देव स्नान पूर्णिमा (बंगाल व उड़ीसा), वट सावित्री व्रत पारणा (गुजरात) तथा गण्डान्त सम्पूर्ण दिवारात्रि।

चन्द्रमा: चन्द्रमा अन्तरात 3-23 बजे तक वृश्चिक राशि में व इसके बाद धनु राशि में है।
ग्रह राशि-नक्षत्र परिवर्तन : रात्रि 10 बजे गुरु अश्विनी के चौथे चरण में प्रवेश करेगा।

दिशाशूल: रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज उत्तर दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।

राहुकाल (मध्यममान से): सायं 4-30 बजे बजे से सायं 6-00 बजे बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।
सोमवार-5, जून: गुरु हरगोविन्द सिंह जयन्ती (प्राचीन मत से), विश्व-पर्यावरण दिवस तथा गण्डमूल रात्रि 1-23 तक।
बुधवार-7, जून: चतुर्थी व्रत (चन्द्रोदय रात्रि 10-52 बजे पर, जयपुर, राज.)
गुरुवार-8, जून: नाग पंचमी (बंगाल) व कोकिला पंचमी।
शुक्रवार-9, जून: वैधृति पुण्यं तथा पंचक प्रारम्भ प्रात: 6-02 से।
शनिवार-10, जून: कालाष्टमी, पंचक।
रविवार-11, जून: बोहरा अष्टमी व पंचक।

शुभ कार्यारम्भ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज ज्येष्ठा नक्षत्र में प्रसूति स्नान, शल्य चिकित्सा तथा विवाह का अतिआवश्यकता में मूल नक्षत्र में (मृत्यु पंचक व मूलाद्य 8 घटी दोष युक्त) मुहूर्त हैं।
सोमवार-5, जून: विवाह, व्रत बन्ध, जलवा, सगाई व रोका, हलप्रवहण, वधू (प्रवेश पंचमी में) सभी मूल नक्षत्र में।
मंगलवार-6, जून: व्रत बन्ध, प्रसूति स्नान, सगाई व रोका आदि पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में तथा विवाह उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में।
बुधवार-7, जून: विवाह उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में तथा श्रवण में कात्यनोक्त, सगाई व रोका उ.षा. में तथा वधू-प्रवेश का श्रवण में।
गुरुवार-8, जून: विवाह, मशीनरी प्रा. वाहनादि क्रय करना, जलवा मुण्डन, सगाई, रामसुर प्रतिष्ठा, अक्षरारम्भ, हलप्रवहण, कर्ण-वेध, जनेऊ, आठवां पूजन, पुंसवन, सीमन्तोन्नयन, शल्य चिकित्सा, वधू-प्रवेश, विद्यारम्भ, चौल, नामकरण, अन्नप्राशन आदि सभी श्रवण नक्षत्र में।
शुक्रवार-9, जून: विवाह अ.आव. में (वैघृति व भौम वेध), गृहारम्भ (अतिआवश्यकता में) धनिष्ठा (वैधृति दोष व भौम दोष युक्त)।
शनिवार-10, जून: गृहारम्भ अ.आव. में शतभिषा में (शनि युति व केतु वेध दोष युक्त) रामसुर प्रतिष्ठा शतभिषा नक्षत्र में, सगाई व रोका आदि पूर्वाभाद्र नक्षत्र में।
रविवार-11, जून: सगाई व रोका उ.भा. व पूर्वा-भाद्रपद में तथा विवाह उत्तरा भाद्रपद में।

वारकृत्य कार्य: रविवार को सामान्य रूप स्थिर संज्ञक कार्य, राज्याभिषेक, राजकार्य, पदग्रहण करना, संगीत, वाद्यादि शिक्षा, औषध सेवन, मोटरयान सवारी, नौकरी, पशुक्रय करना, हवन, मन्त्रोपदेश, शिक्षा-दीक्षा, अस्त्र-शस्त्र, धातु खरीदी, बेचान, वाद-विवाद व न्यायिक परामर्श आदि कार्य शुभ होते हैं।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (नो, या, यी, यू, ये) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। अंतरात 3-23 बजे तक जन्मे जातकों की जन्म राशि वृश्चिक व इसके बाद जन्मे जातकों की जन्म राशि धनु है। वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल व धनु राशि के स्वामी गुरु हैं। इनका जन्म ताम्रपाद से है। सामान्यत: ये जातक बुद्धिमान, चतुर, होशियार, बहु मित्रों वाले, छिद्रान्वेषी तथा विद्या व काव्य में रुचि रखने वाले होते हैं। इनका भाग्योदय 30 वर्ष की आयु तक होता है। वृश्चिक राशि वाले जातकों को अपने कार्य क्षेत्र में अल्प लाभ मिलेगा। कुछ मानसिक तनाव ग्रस्तता रहेगी। सुख-सुविधाओं में कमी महसूस होगी।