कैंसररोधी गुण
ग र्भावस्था के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं, ऐसे में कुछ एक महिलाओं को कैंसर जैसी घातक समस्याएं भी हो जाती हैं। किशमिश का सेवन करना गर्भावस्था में इस तरह का रिस्क भी कम देता है। दरअसल, किशमिश एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है। यह शरीर को फ्री रेडिकल्स से लडऩे की ताकत देती है। साथ ही शरीर में कैंसर सेल्स की वृद्धि को भी रोकने का काम करती है। किशमिश में फाइबर की मात्रा भी अच्छी होती है, जो गर्भावस्था में कब्ज जैसी समस्या से राहत देने का काम करती है। इसके सेवन से पाचन क्रिया सुचारू रहती है।
ग र्भावस्था के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं, ऐसे में कुछ एक महिलाओं को कैंसर जैसी घातक समस्याएं भी हो जाती हैं। किशमिश का सेवन करना गर्भावस्था में इस तरह का रिस्क भी कम देता है। दरअसल, किशमिश एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है। यह शरीर को फ्री रेडिकल्स से लडऩे की ताकत देती है। साथ ही शरीर में कैंसर सेल्स की वृद्धि को भी रोकने का काम करती है। किशमिश में फाइबर की मात्रा भी अच्छी होती है, जो गर्भावस्था में कब्ज जैसी समस्या से राहत देने का काम करती है। इसके सेवन से पाचन क्रिया सुचारू रहती है।
एनर्जेटिक रखेगी किशमिश
य दि आप शारीरिक थकान महसूस कर रहे हैं तो किशमिश का सेवन शुरू कर दें। असल में किशमिश अंगूर का ही सूखा रूप है, जिसमें फ्रक्टोस और ग्लूकोज होता है। यह खाने में से महत्त्वपूर्ण विटामिन्स को अवशोषित करने का काम करती है। इसलिए गर्भावस्था में कई तरह के शारीरिक बदलाव होने से एनर्जी की कमी को दूर करने के लिए किशमिश का सेवन करना सबसे अच्छा उपाय है। किशमिश मां की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने का काम भी करती है। नियमित किशमिश के सेवन से शिशु जन्म के समय शारीरिक मजबूती भी मिलती है।
य दि आप शारीरिक थकान महसूस कर रहे हैं तो किशमिश का सेवन शुरू कर दें। असल में किशमिश अंगूर का ही सूखा रूप है, जिसमें फ्रक्टोस और ग्लूकोज होता है। यह खाने में से महत्त्वपूर्ण विटामिन्स को अवशोषित करने का काम करती है। इसलिए गर्भावस्था में कई तरह के शारीरिक बदलाव होने से एनर्जी की कमी को दूर करने के लिए किशमिश का सेवन करना सबसे अच्छा उपाय है। किशमिश मां की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने का काम भी करती है। नियमित किशमिश के सेवन से शिशु जन्म के समय शारीरिक मजबूती भी मिलती है।
कैल्शियम के लिए अच्छी
किशमिश को कैल्शियम का भी अच्छा सोर्स माना जाता है। यह मिनरल बोन हेल्थ, डेंटल हेल्थ, कोलेस्ट्रोल का अवशोषण, स्किन हेल्थ एवं हार्ट हेल्थ के लिए जरूरी होता है। शारीरिक गतिविधियों के सुचारू रूप से संचालित होने के लिए भी कैल्शियम जरूरी है। इसलिए किशमिश का अवश्यरूप से सेवन किया जाना चाहिए। इसके अलावा किशमिश फाइबर का भी अच्छा स्रोत होती है, जो एसिडिटी जैसे समस्याओं से राहत देने का काम करती है। इसमें पाए जाने वाले न्यूट्रिएंट कार्डियोवैस्कुलर एवं अन्य डिजीज का रिस्क कम करते हैं।
किशमिश को कैल्शियम का भी अच्छा सोर्स माना जाता है। यह मिनरल बोन हेल्थ, डेंटल हेल्थ, कोलेस्ट्रोल का अवशोषण, स्किन हेल्थ एवं हार्ट हेल्थ के लिए जरूरी होता है। शारीरिक गतिविधियों के सुचारू रूप से संचालित होने के लिए भी कैल्शियम जरूरी है। इसलिए किशमिश का अवश्यरूप से सेवन किया जाना चाहिए। इसके अलावा किशमिश फाइबर का भी अच्छा स्रोत होती है, जो एसिडिटी जैसे समस्याओं से राहत देने का काम करती है। इसमें पाए जाने वाले न्यूट्रिएंट कार्डियोवैस्कुलर एवं अन्य डिजीज का रिस्क कम करते हैं।
खून बढ़ाएगी
कि शमिश के नियमित सेवन से महिलाओं में एनीमिया की समस्या को दूर किया जा सकता है। दरअसल, गर्भावस्था के दौरान अधिकांश महिलाओं में हीमोग्लोबिन का स्तर कम होता है। ऐसे में किशमिश का सेवन करना लाभकारी होगा। किशमिश गर्भस्थ शिशु की ग्रोथ में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। किशमिश में विटामिन बी कॉम्प्लैक्स, आयरन और कई तरह न्यूट्रिएंट पाए जाते हैं, जो शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने का काम करते हैं। इस तरह एनीमिया की समस्या दूर होगी एवं शारीरिक कमजोरी महसूस होना जैसी समस्या भी दूर होगी। किशमिश शरीर को एनर्जी देने का काम भी करती है।
कि शमिश के नियमित सेवन से महिलाओं में एनीमिया की समस्या को दूर किया जा सकता है। दरअसल, गर्भावस्था के दौरान अधिकांश महिलाओं में हीमोग्लोबिन का स्तर कम होता है। ऐसे में किशमिश का सेवन करना लाभकारी होगा। किशमिश गर्भस्थ शिशु की ग्रोथ में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। किशमिश में विटामिन बी कॉम्प्लैक्स, आयरन और कई तरह न्यूट्रिएंट पाए जाते हैं, जो शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने का काम करते हैं। इस तरह एनीमिया की समस्या दूर होगी एवं शारीरिक कमजोरी महसूस होना जैसी समस्या भी दूर होगी। किशमिश शरीर को एनर्जी देने का काम भी करती है।
दांतों की देखभाल
कुछ महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान दवाइयां एवं अधिक फूड्स आइटम्स का सेवन करने से मुंह से दुर्गंध आने जैसी समस्या रहती है। कई बार मसूड़ों से खून भी आने लगता है। ऐसे में यदि किशमिश का सेवन किया जाए तो आराम मिलेगा। यह मुंह में बैक्टीरिया के संक्रमण को रोकने का काम भी करती है।
कुछ महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान दवाइयां एवं अधिक फूड्स आइटम्स का सेवन करने से मुंह से दुर्गंध आने जैसी समस्या रहती है। कई बार मसूड़ों से खून भी आने लगता है। ऐसे में यदि किशमिश का सेवन किया जाए तो आराम मिलेगा। यह मुंह में बैक्टीरिया के संक्रमण को रोकने का काम भी करती है।