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Rang Rajasthan – नाटक में मणिपुरी संस्कृति, बटोरी दर्शकों की तालियां, भाषा भी नहीं बनी दीवार

कला एवं संस्कृति विभाग और जवाहर लाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी के सहयोग से और रंग मस्ताने संस्था की ओर से आयोजित किए जा रहे दस दिवसीय 'रंग राजस्थान' का बुधवार को कला व संस्कृति मंत्री बुलाकी दास कल्ला और प्रसिद्ध रंगकर्मी रतन थियाम ने किया।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Feb 22, 2023

 Rang Rajasthan - नाटक में मणिपुरी संस्कृति, बटोरी दर्शकों की तालियां, भाषा भी नहीं बनी दीवार

Rang Rajasthan - नाटक में मणिपुरी संस्कृति, बटोरी दर्शकों की तालियां, भाषा भी नहीं बनी दीवार


बुधवार को चौथे दिन रंग राजस्थान में सुबह 11 बजे और शाम चार बजे जवाहर लाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी के तहत 'रंग बचपन' कार्यक्रम में वाल्टर पीटर ने "ला पोला बच्चो का दोस्त" में अपनी दो प्रस्तुतियां दी गईं। पहली प्रस्तुति में विद्याश्रम स्कूल और इंडियन वुमन इंपैक्ट एनजीओ के स्कूली बच्चों ने अपनी प्रस्तुति दी, वहीं दूसरा शो पब्लिक के लिए खुला था, जिसमें हर वर्ग के व्यक्ति ने नाटक का लुत्फ उठाया। वाल्टर पीटर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने रंगमंच में शिक्षा पर खोज की है और अब वो बच्चों के साथ और बच्चो के लिए काम करते हैं।
वहीं शाम 6 बजे महोत्सव का औपचारिक रूप से उद्घाटन हुआ। शाम सात बजे नाटक "सॉन्ग्स ऑफ़ द निम्फ्स" का मंचन हुआ। नाटक का मंचन मणिपुर की कोरस रैपेट्री ने किया। प्रसिद्ध नाटककार रतन थियाम निर्देशित और लिखित इस नाटक ने दर्शकों की जमकर तालियां बटोंरी।
नाटक स्वतंत्रता और समानता, सौंदर्य और सच्चाई, प्रेम और सद्भाव की अवधारणा को लागू करता है।
नाटक में दर्शाया गया कि मणिपुर की संस्कृति और परंपरा भोजन संग्रह, जादुई प्रजनन संस्कारों की किस्मों, पूर्वजों, पृथ्वी, सूर्य, चंद्रमा, आकाश, वन, जल और प्राणियों के साथ जुड़ाव से निकली है। नाटक आधुनिक समय में पहचान, परंपरा और संस्कृति के संरक्षण के महत्व के इर्द-गिर्द बुना गया है। इस नाटक की सामग्री आधुनिकता की नदी, अतीत, वर्तमान और भविष्य के संगम के रूप में कार्य करती है जहां बहुत महत्वपूर्ण मुद्दों, जटिल सौंदर्यशास्त्र और दार्शनिक चुनौतियों पर बातचीत की जाती है।
महोत्सव के पांचवें दिन गुरुवार को दर्शकों को रंग चौपाल सुनने का अवसर मिलेगा, जिसमें रतन थियाम और वाल्टर पीटर शामिल होंगे। सुबह रतन थियाम की मास्टरक्लास भी होगी और दो नाटकों "नेक चोर" और "अग्निपरीक्षा" का मंचन होगा।