
जयपुर। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने रिंग रोड परियोजना की अपॉइंटेड तिथि गुरुवार को जारी कर दी। अनुबंधित कंपनी गावर कंस्ट्रक्शन को अब इस तिथि से 15 माह के भीतर प्रोजेक्ट निर्माण पूरा करना होगा। कंपनी संभवतया आगरा रोड हिस्से से काम शुरू करेगी। रिंग रोड जेडीए से एनएचएआई के हाथ में गया है, जिसके लिए केन्द्रीय मंत्री नीतिन गडकरी को हस्तक्षेप करना पड़ा। रिंग रोड का काम दो चरणों में होगा। पहले चरण में रोड व फ्लाईओवर का निर्माण होगा, जबकि तीनों राजमार्ग से जोडऩे के लिए बनने वाले स्ट्रक्चर का काम दूसरे चरण में किया जाएगा। पहले चरण पर 959 करोड़ लागत आंकी गई है। दूसरे चरण की निविदा अलग से की जाएगी, जिस पर करीब 250 करोड़ की लागत आएगी। इस तरह 1200 करोड़ से ज्यादा राशि से रिंग रोड का निर्माण होगा।
जेडीए को मिलेंगे 515 करोड़ रुपए
रिंग रोड भले ही एनएचएआई के पास चला गया, लेकिन जाते—जाते भी जेडीए की तिजोरी में रोकड़ आएगी। एनएचएआई जेडीए को हर साल बतौर प्रीमियम राशि देगा। हर साल 35 करोड़ देने का करार हुआ है। इस आधार पर 350 करोड़ बनते हैं, लेकिन हर वर्ष 8 प्रश वृद्धि भी होगी। ऐसे में दस वर्ष में जेडीए खाते में करीब 515 करोड़ आ जाएंगे।
क्लोअर लीफ के लिए तो जमीन ही नहीं
रिंग रोड आगरा रोड से अजमेर रोड के बीच होगा। इस दौरान आगरा रोड व अजमेर रोड के अलावा टोंक रोड से भी इस पर चढऩे के लिए स्ट्रक्चर (क्लोअर लीफ डिजाइन की तरह) बनाया जाएगा। यह काम महत्वपूर्ण व तकनीकयुक्त है, एनएचएआई इसके लिए अलग से टेंडर करेगी। गंभीर यह है कि जेडीए ने अभी क्लोअर लीफ स्ट्रक्चर के लिए जमीन ही अवाप्त नहीं की है।
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Published on:
19 Jan 2018 12:00 pm
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