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एक वर्ष बोर्ड बने हुआ, खत्म नहीं हुआ समितियों का इंतजार

— हैरिटेज नगर निगम में समितियों के गठन को लेकर नहीं बन पा रही है आपसी सहमति—इधर, ग्रेटर नगर निगम में बिना सरकार की अनुमति के ही चल रही हैं समितियां

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जयपुर। हैरिटेज नगर निगम में बोर्ड को एक वर्ष होने के बाद अब तक समितियों का गठन नहीं हो पाया है। अब बार बार फिर हैरिटेज निगम में समितियों के गठन की मांग जोर पकड़ेगी। हालांकि, विधायकों के लिए पार्षदों को साधना आसान काम नहीं है। इसी वजह से समितियों के गठन में देरी हो रही है। पार्टी के एक विधायक ऐसे हैं, जो नहीं चाहते हैं कि हैरिटेज निगम सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हो। क्योंकि, उनको अपने विधानसभा क्षेत्र में बगावत के सुर उठने का डर है। उन्हें लगता है कि निर्दलीयों को साधा तो कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर जीतकर आए पार्षद नाराज हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में जब तक समितियों के गठन का टाला जाए, तब तक ठीक है। हालांकि, कुछ निर्दलीय पार्षद इस बात से बेहद नाराज हैं। समय—समय पर नाराजगी भी जताते रहे हैं। पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल एक बार फिर समितियों के गठन को लेकर परिहवन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी के अलावा दोनों विधायकों से बात करेंगे।
मौजूदा स्थिति की बात करें तो कोई भी विधायक समितियों के गठन को लेकर मना नहीं कर रहा है, लेकिन एक वर्ष से गठन भी नहीं हो पा रहा है।

अब तक की ये है स्थिति
—आठ निर्दलीयों के सहयोग से हैरिटेज नगर निगम में कांग्रेस का महापौर बना।
—समितियों के गठन में उचित सम्मान देने की बात कांग्रेस नेताओं की ओर से कही गई।
—कई बार निर्दलीय पार्षद उपेक्षा का आरोप लगाते हुए लामबंद भी हो चुके हैं।
—समितियों के गठन को लेकर नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल तक भी मामला पहुंच चुका है।