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सफाई अभियान को लेकर नगर निगम अलर्ट, अब स्कूली बच्चे भी ऐसे करेंगे योगदान

Jaipur Nagar Nigam : स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के परिणाम में किरकिरी होने के बाद अब दोनों नगर निगम नए सिरे से सफाई का पेपर हल करने में लगे हैं। कम अंकों को जोड़कर बड़ी छलांग की तैयारी में है।

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जयपुर

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Supriya Rani

Mar 01, 2024

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Jaipur News : स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के परिणाम में किरकिरी होने के बाद अब दोनों नगर निगम नए सिरे से सफाई का पेपर हल करने में लगे हैं। कम अंकों को जोड़कर बड़ी छलांग की तैयारी में है। खास बात यह है कि राज्य सरकार भी सफाई को प्राथमिकता से ले रही है। तभी तो नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव टी रविकांत और स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक सुरेश ओला भी सफाई व्यवस्था का जायजा लेकर दिशा निर्देश जारी कर चुके हैं।

Jaipur Municipal Corporation : सर्विस सुधारने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए दोनों नगर निगम के आयुक्त सुबह निगरानी करते हैं। अन्य अधिकारियों की भी ड्यूटी लगाई है। सिटीजन वॉइस में जनभागीदारी बढ़ाए जाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं और स्कूलों को भी जोड़ा जा रहा है।

- रेड स्पॉट (पान और गुटखे के दाग): व्यावसायिक और आवासीय इलाके यदि रेड स्पॉट मुक्त होंगे तो सर्वेक्षण में 60 अंक मिलेंगे।

- यलो स्पॉट (खुले में पेशाब): लोग खुले में पेशाब न करें, इसके लिए निगम की ओर से सार्वजनिक शौचालय और यूरीनल बनाए गए हैं। इसके भी 60 अंक हैं।

- नालों की सफाई: इस बार तय समय से दो माह पहले नालों की सफाई शुरू होगी ताकि सर्वेक्षण के 50 अंक मिल सकें।

श्रेणी निर्धारित अंक हैरिटेज ग्रेटर

- सर्विस लेवल प्रोग्रेस 4830 2234.30 2390.20

- सर्टिफिकेशन 2500 725 725

- सिटीजन वॉइस 2170 1726.10 1564.30

जयपुर शहर के सौंदर्यीकरण पर दोनों निगम काम कर रहे हैं। मुख्य सड़कों की दीवारों पर रंग रोगन किया जा रहा है। इसके 300 अंक निर्धारित हैं। वहीं, पर्यटन स्थलों के आस-पास हैरिटेज निगम ने अतिरिक्त सफाईकर्मी लगाकर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कर रखा है। क्योंकि इसके 140 अंक सर्वेक्षण में मिलेंगे।

हैरिटेज निगम इसमें आगे है। एक जीरो वेस्ट इवेंट निगम करवा चुका है। इसके अलावा निगम कार्यालयों में प्लास्टिक की जगह कांच की बोतलों का उपयोग किया जा रहा है। ग्रेटर निगम को अभी इस क्षेत्र में काम करना है। 90 अंक पाने के लिए एक सरकार, एक सामाजिक एवं धार्मिक, एक अभियान और एक जागरूकता कार्यक्रम करवाना जरूरी है।

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