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मकर संक्रांति 2024: किसी के लिए उत्सव बना ‘त्योहार’ तो कितनों ने मनाया इसे अंतिम बार

राजस्थान भर से मकर संक्रांति उत्सव के दौरान पंतगबाजी से हुए दुर्घटना की अनेकों ख़बरें सामने आई है। राजधानी के कमिश्नरेट के तुंगा थाना क्षेत्र स्थित प्रेमपुरा भटेरी निवासी 14 वर्षीय बालक रिंकू शर्मा सोमवार को पंतगबाजी के दौरान दुर्घटना का शिकार हो गया।

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राजस्थान भर से मकर संक्रांति उत्सव के दौरान पंतगबाजी से हुए दुर्घटना की अनेकों ख़बरें सामने आई है। राजधानी के कमिश्नरेट के तुंगा थाना क्षेत्र स्थित प्रेमपुरा भटेरी निवासी 14 वर्षीय बालक रिंकू शर्मा सोमवार को पंतगबाजी के दौरान दुर्घटना का शिकार हो गया। वह छत से नीचे गिर गया। परिजन गंभीर रिंकू को लेकर स्थानीय अस्पताल पहुंचे। हालत गंभीर होने पर उसे जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में रेफर किया गया। भर्ती के पश्चात डॉक्टर रिंकू शर्मा को बचाने में असफल रहे।


अचानक मांझा आकर गले में उलझा

वहींं, जयपुर के सुभाष चौक में रहने वाले 23 वर्षीय दशरथ शर्मा की गर्दन मांझे से उलझकर कट गई। हादसा हेलमेट लगाने के बावजूद हो गया। दुर्घटना सामान लेने जाने के क्रम में रास्ते में घटी। दशरथ शर्मा सोमवार को बाइक से दुकान से निकले। इसी दौरान मांझे की चपेट में आने से गला कट गया। जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। दशरथ के गले में 6 टांके आए हैं।

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डॉक्टरों ने किया मृत घोषित


ऐसी ही एक दूसरी घटना झालावाड़ जिले के अकलेरा की है। 12 वर्षीय सुरेंद्र सोमवार 15 जनवरी को पतंग लूटने के लिए घर से बाहर गया हुआ था। पतंग लूटने के लिए वह अपने दोस्तों के साथ असनावर की पुरानी आबादी स्थित नदी क्षेत्र में चला गया। पतंग लूटने के दौरान उसकी गर्दन मांझे में उलझ गई जिससे गला गंभीर रूप से जख्मी हो गया। दोस्तों ने फौरन इसकी सूचना उसके परिवार वालों को दी। पिता दिलीप भील आनन- फानन में उसे अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने सुरेंद्र को मृत घोषित कर दिया।


पहले निर्देश, फिर लापरवाही


दरअसल, बीते दिन मकर संक्रांति को लेकर प्रदेश भर में लोगों ने पंतगबाजियां की। इस दौरान कहीं उत्साह तो कहीं से भयभीत कर देने वाली ख़बरें भी सामने आई। हालांकि, उत्सव से पहले स्थानीय प्रशासन की ओर से पुख्ता तैयारियां की गई थी। स्थानीय अधिकारियों द्वारा दुकानदानों और स्थानीय से चाइनीज मांझे इस्तेमाल ना करने का निर्देश जारी किया गया था। बावजूद इसके, कुछ स्थानों पर लापरवाही देखी गई, नतीजन 100 से ज्यादा घटनाएं सामने आई, जिसमें कई गंभीर रूप से जख्मी हुए तो कितनों के लिए यह अंतिम उत्सव रहा।

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