नगर निगम ग्रेटर के पूर्व आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव के साथ बदसलूकी मामले की न्यायिक जांच में दोषी पाए गए दो भाजपा और एक निर्दलीय पार्षद को राज्य सरकार ने बर्खास्त कर दिया है। तीनों पार्षदों के छह साल तक चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। उधर, महापौर सौम्या गुर्जर भी न्यायिक जांच में दोषी मिली है, उनके खिलाफ कार्रवाई से पहले सरकार विधिक राय ले रही है।
पत्रिका ने सबसे पहले खबर ‘ग्रेटर नगर निगम के तीन निलंबित पार्षदों को बर्खास्त कर सकती है सरकार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस खबर में बताया गया की तीनों पार्षदों को बर्खास्त करने के साथ ही महापौर सौम्या गुर्जर पर कार्रवाई में सरकार कोई जल्दबाजी नहीं करेगी। अब सरकार ने पार्षद शंकर शर्मा, अजय सिंह और पारस जैन को बर्खास्त कर दिया है। तीनों पार्षदों पर छह साल तक चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगाई गई है। आपको बता दें कि 4 जून, 2021 को पूर्व आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव से विवाद हुआ था। इसके बाद 6 जून को सरकार ने चारों को निलंबित कर दिया था। सरकार ने 7 जून को शील धाभाई को कार्यवाहक महापौर बनाया था। इसके बाद कोर्ट से मिले स्टे के आधार पर सौम्या वापस महापौर कुर्सी पर काबिज हुई थी।
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सुप्रीम कोर्ट में पेश करेंगे रिपोर्ट
महापौर सौम्या गुर्जर के खिलाफ कार्रवाई से पहले सरकार अतिरिक्त महाधिवक्ता से राय ले रही है। इस राय के आधार पर ही सरकार आगे कदम बढ़ाएगी। मेयर मामले में सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने के बाद ही सरकार कोई एक्शन लेगी।