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राजस्थान: ‘न्याय की चौखट’ पहुंचेगा ‘सियासी द्वन्द’, मजबूत पक्ष रखने में जुटी ‘कांग्रेस’ सरकार और BJP

महापौर सौम्या गुर्जर समेत 4 पार्षदों का निलंबन मामला, 'न्याय' के लिए अदालत की चौखट पर पहुंचेगी 'राजनीतिक जंग', अदालत का दरवाज़ा खटखटाएगी भाजपा, तो न्यायिक जाँच करवाएगी सरकार, अदालत में पक्ष मजबूत करने में जुटे हुए हैं दोनों पक्ष, लीगल सेल हुई एक्टिव, हर पहलू मजबूती के साथ रखने की तैयारी, इधर देर रात सौम्या गुर्जर का ट्वीट, 'सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं'  

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Jaipur Greater Mayor Suspension Congress BJP confronts

जयपुर।

जयपुर नगर निगम ग्रेटर की महापौर सौम्या गुर्जर समेत चार पार्षदों के निलंबन का मामला अब न्याय की चौखट पर पहुँचने वाला है। सत्तारूढ़ कांग्रेस और विरोधी दल भाजपा दोनों दलों ने अब इस 'राजनीतिक जंग' को अदालत में लड़ने का फैसला लिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने जहां रविवार को मंथन करके सरकार के आदेश को चुनौती देने के लिए अदालत का दरवाज़ा खटखटाने का फैसला लिया तो वहीँ राज्य सरकार ने भी पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच करवाने का फैसला लिया है।

न्यायिक पक्ष मजबूत करने में जुटे नेता
जयपुर नगर निगम ग्रेटर की सियासी अदावत अब न्यायपालिका के क्षेत्राधिकार में स्थानांतरित होने जा रही है। अदालत के समक्ष जो भी दल अपना पक्ष मजबूती के साथ रखेगा ज़ाहिर है फैसला उसके पक्ष में ही होगा। यही वजह है कि ना सिर्फ भाजपा अपनी पूरी तैयारी के साथ अदालत में पक्ष रखने के मूड में है बल्कि राज्य सरकार ने भी अपने न्यायिक एक्सपर्ट्स को एक्टिव मोड़ में कर दिया है।


भाजपा की आपत्ति- 'संडे को क्यों हुई कार्रवाई?'
महापौर समेत चार पार्षदों के निलंबन मामले पर भाजपा ने अदालत की शरण लेकर न्याय लेने का फैसला लिया है। भाजपा के पास अपना पक्ष रखने के लिए कई दलीलें हैं। पहली दलील ये कि राज्य सरकार ने महापौर और पार्षदों को जांच अधिकारी के समक्ष के समक्ष अपना पक्ष रखने का उपयुक्त समय नहीं दिया। उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए कम से कम एक कार्यदिवस का समय देना चाहिए था, बावजूद इसके रविवार को छुट्टी के दिन निलंबन कार्रवाई के आदेश दे दिए गए।



आयुक्त के 'भ्रष्टाचार' की सूची हो रही तैयार!
सूत्रों की माने तो भाजपा खेमा नगर निगम आयुक्त की कथित भ्रष्टाचार में लिप्तता का विषय अदालत में उठा सकता है। माना जा रहा है कि अदालत में पक्ष रखने से पहले भाजपा उन तमाम पहलुओं को खंगाल रहे हैं जहां आयुक्त का हस्तक्षेप रहा है और कथित धांधली हुई है। भाजपा नेता आयुक्त के खिलाफ ऐसे कार्यों की फहरिस्त बनाने की कवायद में हैं ताकि उनका पक्ष मजबूत हो सके। महापौर सौम्या गुर्जर पहले ही आयुक्त पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगा चुकी हैं।

राज्य सरकार भी करवाएगी न्यायिक जांच
भाजपा ने जहां अदालत का रुख करने का फैसला लिया है, तो वहीं राज्य सरकार ने भी इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर विषय की संज्ञा देते हुए न्यायिक जांच करवाने का फैसला लिया है। ऐसे में साफ़ है कि नगर निगम ग्रेटर में शुरू हुआ कांग्रेस- भाजपा का राजनीतिक आमना-सामना अब अदालत में होगा।

महापौर का देर रात 12.49 को ट्वीट
महापौर और तीन पार्षदों पर निलंबन की कार्यवाई का आदेश रविवार देर रात लगभग साढ़े 11 बजे जारी हुआ। इसके बाद महापौर ने देर रात ही 12 बजकर 49 मिनट पर ट्वीट किया, जिसमें लिखा- 'सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं'।