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राजस्थान की सबसे बड़ी 16 करोड़ की साइबर ठगी : पुलिस ने 11 करोड़ रुपए रिकवर किए, अब भी जालसाजों के खातों में 19 करोड़ रुपए जमा

गुजरात की दो फर्म की आड़ में साइबर ठगी व मनी लौंडिग का चल रहा था खेल, 16 करोड़ रुपए 100 से अधिक बैंक खातों में ट्रांसफर करते हुए ले गए फर्म के खातों में, पुलिस बैंक खातों का पीछा करते हुए पहुंची, दोनों मुख्य संचालक दुबई भागे, ईडी भी लगी पीछे  

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जयपुर. राजस्थान की सबसे बड़ी साइबर ठगी होना सामने आया है। जोधपुर के हैंडीक्राफ्ट व्यापारी अरविंद कालानी से 16 करोड़ रुपए साइबर ठगी कर ली गई। जालसाजों ने परिवादी के 6 बैंक खातों से यह रकम उड़ाई। जोधपुर पूर्व पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 100 से अधिक बैंक खातों में होते हुए अंतिम बैंक खातों में पहुंची रकम में से 11 करोड़ रुपए रिकवर कर वापस व्यापारी के खाते में जमा करवाए। पुलिस मुख्यालय में साइबर डीजी डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने कहा है कि साइबर सेल ने अलग-अलग राज्यों से 14 साइबर जालसाजों को गिरफ्तार किया। साइबर ठगी होने का मुख्य कारण लालच और अज्ञानता है। साइबर युग में साइबर ठगी से बचने के लिए साइबर संबंधी जागरूकता आवश्यक है। इसके लिए आमजन को सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। डॉ मेहरड़ा ने बताया कि अधिकतर वारदातें लुभावने ऑफर देकर, फर्जी ई-मेल, लिंक, मैसेज या फोन कॉल के जरिए होती हैं। बैंक अथॉरिटी, पुलिस विभाग और संबंधित विभागों द्वारा साइबर जागरूकता की दृष्टि से एडवाइजरी भी जारी की जाती है। एडवाइजरी में लुभाने लिंक पर क्लिक ना करने, अपनी निजी जानकारी किसी अनजान को साझा नहीं करने सहित कई जानकारी समय-समय पर दी जाती है। इसके बावजूद लोग लालच या अज्ञानता के कारण ठगों के चंगुल में फंस जाते हैं।

महिला आईपीएस अमृता दुहान का कहना


जोधपुर डीसीपी पूर्व अमृता दुहान ने बताया कि जालसाजों ने 16 राज्यों के 100 से अधिक बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करते हुए गुजरात के सूरत की दो फर्म के बैंक खातों में जमा करवाए। दोनों फर्मों से विदेश में रुपए ट्रांसफर किए जाते हैं। बुधवार को दोनों फर्मों के बैंक खाते में 19 करोड़ रुपए जमा है। पुलिस की कार्रवाई के बाद ईडी ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।


समय अधिक होने पर रुपए रिकवर करने में मुश्किल होती है

डीजी मेहरडा ने बताया कि अधिकतर मामलों में रिपोर्टिंग और क्राइम के बीच समय अधिक होने के कारण बैंक सिस्टम से पैसा निकलने के कारण ठगी की रकम का रिकवर होना काफी मुश्किल होता है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि ठगी के बारे में सतर्क और सावधान होने के साथ घटना होने पर तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें और संबंधित थाना पुलिस को सूचना दें।


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