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जयपुर. छह माह पहले रूस में मृत मिले हितेन्द्र गरासिया के शव को जयपुर स्थित सवाईमानसिंह अस्पताल के मुर्दाघर में सोमवार को फिर से पोस्टमार्टम करवाया गया। परिजनों की मांग पर फिर से पोस्टमार्टम करवाया गया। लेकिन इससे पहले विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम मुर्दाघर पहुंची और शव हितेन्द्र का ही है, इसकी डीएनए जांच करने के लिए शव से नमूना सेम्पल लिया। सोमवार शाम को शव उदयपुर के लिए रवाना किया गया। रूस से रविवार सुबह हितेन्द्र का शव दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा और वहां से रविवार शाम को जयपुर शव लाया गया। शव को एसएमएस अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया गया था। गौरतलब है कि मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को कब्र से शव निकालकर दिल्ली भिजवाने की सूचना दी थी। इसके बाद रविवार को शव दिल्ली पहुंचा था। 3 दिसम्बर को शव को रूस में दफना दिया गया था। राजस्थान पत्रिका ने हितेन्द्र का शव भारत लाने की मांग को लेकर मुहिम चलाई थी। इसके बाद हाईकोर्ट के दखल के बाद सफलता मिल पाई।
दो घंटे केमिकल की दुर्गंध निकाली
मुर्दाघर में चिकित्सकों ने हितेन्द्र के ताबूत को खोला। शव की सुरक्षा के लिए कई केमिकल का लेप लगाया हुआ था। इसके चलते ताबूत में से तेज दुर्गंध के साथ गैस भी निकल रही थी। इसके चलते ताबूत से शव बाहर निकालने से पहले दो घंटे तक खुला छोड़ दिया गया। इसके बाद शव से डीएनए के लिए नमूना लिए गए और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई।
डीएनए के नमूने लेने और पोस्टमार्टम के बाद शव उदयपुर के लिए रवाना कर दिया गया।
नवरतन ढोलिया, एसएचओ, एसएमएस हॉस्पिटल थाना
Published on:
07 Feb 2022 10:38 pm
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