
माली-सैनी समाज आंदोलन
माली-सैनी समाज आंदोलन: सैनी, माली, शाक्य, मौर्य, कुशवाहा समाज के लोग 12 प्रतिशत आरक्षण व अन्य मांगों को लेकर सातवें दिन गुरुवार को भी हाईवे पर डटे रहे। राज्य सरकार की ओर से प्रतिनिधि के रूप में केबिनेट मंत्री भजनलाल जाटव को वार्ता के लिए पहुंचे। जहां टोल टैक्स के पास 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता हुई। कोई हल नहीं निकला। आंदोलनकारियों ने कहा कि 24 अप्रैल की रात आरक्षण की मांग पूरी नहीं करने के कारण दुखी होकर मोहन सिंह ने सुसाइड कर लिया था।
अब उसके परिजन को एक करोड़ रुपए की सहायता राशि व आश्रित को सरकारी नौकरी की मांग रखी गई है, लेकिन तीन दिन बाद भी राज्य सरकार ने दोनों ही मांगों पर ध्यान नहीं दिया है। जब तक इन दो मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं आंदोलन स्थल पर मृतक की पत्नी अमरा की तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मंत्री बोले...
संविदा पर नौकरी के लिए प्रयास करुंगा आंदोलनकारियों और मंत्री भजनलाल के बीच देर शाम तक वार्ता हुई। मंत्री ने मृतक के आश्रित को संविदा पर नौकरी दिलाने के प्रयास करने की बात कही। परिजन को एक करोड़ रुपए का मुआवजा एवं मृतक को शहीद का दर्जा देने की मांग पर सहमति नहीं बन सकी मंत्री ने कहा कि यह दोनों मांग संभव नहीं हैं। फिर भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से प्रतिनिधिमंडल की वार्ता कराई जाएगी।
इसके लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा जाएगा। देर रात कमेटी के मुख्य सचिव बदन सिंह कुशवाह ने मंत्री के साथ हुई वार्ता से समाज के लोगों को अवगत कराया। देर रात तक आंदोलनकारी हाईवे पर ही जुटे रहे। उधर मृतक मोहन सैनी के शव का 78 घंटे बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ।
Published on:
28 Apr 2023 10:42 am
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