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हिट एंड रन कानून : केंद्र के आश्वासन के बाद ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल खत्म

Truckers End Strike : हिट एंड रन मामले में नए कानूनी प्रावधानों के खिलाफ तीन दिवसीय हड़ताल कर रहे ट्रक ड्राइवरों ने दूसरे दिन मंगलवार को केंद्र सरकार से आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल खत्म कर दी। हालांकि इससे पहले सोमवार से शुरू हुई ट्रकों की हड़ताल के कारण कई राज्यों में जरूरी आपूर्ति प्रभावित हुई और पेट्रोल-डीजल का संकट हो गया।

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Truckers End Strike

Truckers End Strike

Truckers End Strike : हिट एंड रन मामले में नए कानूनी प्रावधानों के खिलाफ तीन दिवसीय हड़ताल कर रहे ट्रक ड्राइवरों ने दूसरे दिन मंगलवार को केंद्र सरकार से आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल खत्म कर दी। हालांकि इससे पहले सोमवार से शुरू हुई ट्रकों की हड़ताल के कारण कई राज्यों में जरूरी आपूर्ति प्रभावित हुई और पेट्रोल-डीजल का संकट हो गया। दिल्ली में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआइएमटीसी) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। भल्ला ने कहा कि नया कानून अभी लागू नहीं हुआ है।

भारतीय न्याय संहिता 106/2 लागू करने से पहले एआइएमटीसी के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा होगी, उसके बाद ही कोई निर्णय होगा। उन्होंने हड़ताल कर रहे ट्रक चालकों से काम पर लौटने की अपील की। बैठक के बाद एआइएमटीसी के अध्यक्ष अमृत लाल मदान ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हिट एंड रन मामले में 10 साल की सजा वाले प्रावधान को तब तक अमल में नहीं लाने का आश्वासन दिया है जब तक एआइएमटीसी की बैठक नहीं होती। उन्होंने चालकों से काम पर लौटने की अपील की। इसके बाद ट्रक चालकों ने हड़ताल खत्म कर दी।

बैठक के बाद राजस्थान में भी हड़ताल वापस लेने पर सहमती बन गई है। इससे, पिछले दो दिनों से परेशानियों का सामना कर रहे राज्य के लोगों को राहत मिलेगी। राजस्थान रोडवेज की बसों के हड़ातल में शामिल होने से बसों के चक्के थम गए थे, जो हड़ताल समाप्ती के बाद फिर से सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी। हड़ताल के कारण राज्यों में पेट्रोल-डीजल, दवाएं, फल-सब्जी और जरूरी चीजों का संकट पैदा हो गया।

कई राज्यों में पेट्रोल-डीजल पंप खाली हो गए। देश में रोजाना साढ़े चार लाख से ज्यादा ट्रक एक जगह से दूसरी जगह सामान पहुंचाते हैं। बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश से पुलिस और प्रदर्शकारियों के बीच झड़पें हुईं। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। हड़ताल के खिलाफ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में मंगलवार को दो याचिकाओं पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि हड़ताल तुरंत खत्म करवाकर परिवहन बहाल करवाए।

इससे पहले, जाम से राजस्थान में पेट्रोल डीजल के साथ ही परचून-सब्जी की सप्लाई पर असर पडऩा शुरू हो गया था। दूसरे दिन भी रोडवेज बसें बंद रहने से ट्रेनें ठसाठस हो गईं। अभी पर्यटन सीजन चल रहा है। ऐसे में परिवहन के साधन नहीं मिलने से पर्यटक और यात्री परेशान रहे। इधर, मंगलवार को जयपुर, बीकानेर, बाड़मेर, अजमेर, गंगानगर, सीकर, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, जोधपुर, राजसमंद सहित प्रदेशभर में ट्रक और बस चालकों ने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। कई जगह हाइवे जाम किए गए। अजमेर में ट्रक चालकों ने जाम और प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव कर एक पुलिस वाहन को आग लगा दी और होटल में तोडफ़ोड़ कर दी।

रोडवेज बसों का संचालन रुका, यात्रीभार गिरा
ट्रक चालकों की हड़ताल और चक्का जाम से रोडवेज के यात्रीभार पर असर पड़ा है। 28 जिलों में रोडवेज की बसों का संचालन प्रभावित रहा। करीब 40 फीसदी यात्रीभार कम हुुआ है।

पहले से ही है प्रावधान
वाहन चालकों को अवेयर करने की जरूरत है। मोटर व्हीकल एक्ट में यह प्रावधान पहले भी था कि दुर्घटना की चालक को समय रहते सूचना देना जरूरी है। इसी प्रावधान को भारतीय न्याय संहिता में शामिल किया है। -राजेश शर्मा, एडवोकेट राजस्थान हाइकोर्ट

चालकों में यह भ्रम हैं। इसे जानना जरूरी है। यह हिंट एंड रन कानून नहीं है। भारतीय न्याय संहिता में नए प्रावधान बने हैं, इसमें भी कहीं नहीं लिखा कि चालक को घटनास्थल से ही पुलिस को सूचना देनी है या घायल को अस्पताल चालक को ही लेकर जाना है। -मनीषा अरोड़ा, परिवहन आयुक्त

यह है कानून
भीड़ आक्रोशित होने की आशंंका पर दूर जा सकते हैं चालक भारतीय न्याय संहिता में हिट एंड रन के मामलों में सजा के प्रावधानों को परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है। विभाग ने कहा कि नए प्रावधानों के अनुसार चालक को दुर्घटना की समय रहते सूचना देना आवश्यक है। लेकिन घटना स्थल पर भीड़ के आक्रोशित होने की आशंंका है तो चालक दूर जाकर पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचना दे सकता है। इससे घायल व्यक्ति की जिदंंगी बचाई जा सकती है। यह प्रावधान कॉमर्शियल वाहनों के ही नहीं, बल्कि सभी वाहन चालकों के लिए हैं। घायल की मौत होने की स्थिति में 10 साल तक की सजा का भी प्रावधान है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मोटर व्हीकल एक्ट में यह प्रावधान पहले से ही है। इसे अब भारतीय न्याय संहिता में भी जोड़ा गया है।

आलू-प्याज के भाव बढ़े
-400 की जगह 100 ट्रक ही माल लेकर पहुंचे मंगलवार को जयपुर की मुहाना मंडी में

-70 गाडिय़ां रोज आलू-प्याज की मुहाना मंडी में आती थीं, लेकिन मंगलवार को 30 गाडिय़ां ही पहुंची

-10 रुपए किलो भाव बढ़े प्याज के

-3 रुपए की तेजी आई आलू में

-150 गाड़ी फलों की आती थीं, अब 70-80 ही पहुंचीं

पुलिसकर्मियों पर पथराव, जीप को आग लगाई
बांदनवाड़ा / भिनाय(अजमेर)। प्रदर्शनकारी वाहन चालकों ने सोमवार देर रात राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर उग्र प्रदर्शन किया। चालकों ने सिंगावल गांव के पास पुलिस से हुई झड़प के बाद पुलिस जीप को आग के हवाले कर दिया। वहीं स्थित एक होटल में तोडफ़ोड़ भी की। प्रदर्शन के दौरान बेकाबू भीड़ ने पुलिसकर्मियों का पीछा कर पत्थरबाजी की। पुलिसकर्मी बमुश्किल खेतों की ओर जान बचाकर भागे।

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