
जयपुर. चिकित्सा विभाग ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में रिक्त पदों को भरने की तैयारी के तहत अस्पतालों में अधिशेष डॉक्टरों व नर्सेज को इन पदों पर भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने एक आदेश जारी कर ऐसे चिकित्सकों को तुरंत प्रभाव से कार्यमुक्त करते हुए इनकी उपस्थिति संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में देने के निर्देश जारी किए हैं। ये चिकित्सक विभाग की ओर से दिए गए विकल्प पत्र को भरकर सीएमएचओ को देंगे और वहां से तुरंत ये विकल्प पत्र निदेशालय को भेजे जाएंगे। जानकारी के मुताबिक ऐसे चिकित्सकों व नर्सिंग कर्मियों की संख्या में करीब 5 हजार तक मानी जा रही है।
सभी नियंत्रण अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से इन चिकित्सकों को कार्य मुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश भर की सीएचसी, पीएचसी, सेटेलाइट अस्पताल, उप जिला अस्पताल, जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज अस्पताल और उनसे संबंदृध अस्पतालों के चिकित्सकों पर यह आदेश लागू होगा। समानीकरण के तहत इन चिकित्सकों को खाली पदों पर लगाया जाएगा। इधर, विभाग के मुख्यालय स्वास्थ्य निदेशालय में भी करीब 40 चिकित्सक जमे हैं। इनमें से कई तो ऐसी विशेषज्ञता के हैं, जिनकी प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में पहले से कमी है। विभाग की ओर से पूर्व में डेपूटेशन रदृद किए जाने के बाद भी ये चिकित्सक जस के तस जमे हुए हैं। इस आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है। बताया जा रहा है कि ऐसे अधिकांश चिकित्सक व नर्सेज प्रभावशाली हैं और अपने प्रभाव से बड़े शहरों के सरकारी अस्पतालों में जमे हुए हैं। इनमें जयपुर, अजमेर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर, भरतपुर जैसे बड़े शहर शामिल हैं। डॉक्टर व नर्सेज के आदेश जारी होने के बाद अन्य संवर्गों में खलबली मच गई है। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने सबसे पहले विभाग की इस तैयारी क खुलासा किया था।
Published on:
19 Feb 2022 06:35 pm
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