
म्हारी ढाणी से जुड़ेगे पावणे, सरकार लाएगी प्रवासी राजस्थानी नीति
जयपुर. इन्वेस्ट राजस्थान समिट भले ही अभी स्थगित हो गया हो, लेकिन निवेश प्रोत्साहन की तैयारियों में लगी सरकार फिर एक बार प्रवासी राजस्थानियों को माटी से जोड़ने की कवायद में जुट गई है। इस बार ना सिर्फ इस समुदाय को न्योते दिए गए हैं, बल्कि प्रवासियों के लिए पूरी एक अलग नीति सरकार तैयार कर रही है। नीति का मसौदा जारी कर दिया गया है, जो सरकार की मंजूरी के बाद अंतिम रूप लेगी। समूची नीति को कनेक्ट, कल्चर, कम्युनिटी, केयर और कॉन्ट्रिब्यूशन के फाइव—सी कॉन्सेप्ट पर गढ़ा गया है। एक ओर जहां प्रवासियों को प्रदेश के विकास में जोड़ने के लिए उनके योगदान पर फोकस है, वहीं उनकी समस्याओं के निदान के लिए तंत्र विकसित करने के प्रावधान हैं। राजस्थान फाउंडेशन इसमें प्रवासियों संबंधी विभिन्न मामलों को लेकर नोडल एजेंसी बनाया गया है। जबकि पर्यटन, शिक्षा जैसे विभागों की भी जिम्मेदारी तय की गई है। राज्य की विभिन्न सुविधाओं के लिए फाउंडेशन प्रवासियों को प्रवासी राजस्थानी कार्ड जारी करेगा।
बनेंगे प्रवासी राजस्थानी केन्द्र, भवन
नीति मसौदे में जयपुर में प्रवासी राजस्थानी केन्द्र बनाने का प्रावधान है। जबकि राज्य और जिलों में प्रवासी प्रकोष्ठ बनेंगे। विदेश और देश के चुनिंदा शहरों में राजस्थानी प्रवासी भवन का प्रस्ताव भी है।
अपने गांव का विकास
म्हारी ढाणी सरकार की फ्लैगशिप स्कीम होगी, जिसमें प्रवासी अपने गांव—ढाणी में आधारभूत ढांचा विकास यथा स्कूल, सड़क, अस्पताल निर्माण में योगदान कर सकेंगे।
एम्बेसडर फॉरम, वीमन कनेक्ट
राजस्थान ब्रांड प्रमोट करने के लिए विदेश में रह रहे प्रवासी बिजनेस लीडर्स का नेटवर्क बनेगा। प्रवासी राजस्थानी संगठनों की महिला विंग्स को कल्याणकारी योजनाओं के लिए जोड़ा जाएगा।
श्रमिकों का ई—प्लेटफॉर्म
नीति में प्रवासी श्रमिकों के लिए ई—प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव है, जहां संबंधित कौशल में खुद को पंजीकृत करा सकेंगे।
मसौदे में ये भी प्रमुख प्रावधान
— एनआरआर कार्ड धारकों के लिए विशेष पर्यटन पैकेज
— जाने अपना राजस्थान कार्यक्रम के तहत वर्कशॉप्स और शैक्षणिक भ्रमण।
— म्हारा साथिड़ा कार्यक्रम में सिस्टर सिटीज पार्टनरशिप की कल्पना
— म्हारी आस्था के तहत प्रवासी परिवारों की तीर्थ यात्रा में सहयोग
Published on:
24 Jan 2022 06:26 pm
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