
बसंत पंचमी को प्रकट हुए थे आराध्य गोविंददेवजी
जयपुर। माघ शुक्ला पंचमी पर बसंत पंचमी के दिन 5 फरवरी को आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में ठाकुरजी का पाटोत्सव मनाया जाएगा। माघ शुक्ला पंचमी Basant Panchami को ही श्री रूप गोस्वामी ने ठाकुर श्री गोविंददेवजी को प्रगट किया था। Govinddevji Temple Jaipur इसका उल्लेख बंगला भाषा के माध्व गौड़ीय संप्रदाय के ग्रंथ भक्ति रत्नाकर में मिलता है। ग्रंथ के द्वितीय तरंग में स्पष्ट अंकित है कि श्री गोविंद प्रगटे होइलो रूप द्वारे अर्थात रूप गोस्वामी ने ठाकुर श्री गोविंद देवजी को प्रगट किया। इसी कारण माघ शुक्ला पंचमी तिथि को ठाकुर जी का पाटोत्सव (पट्टाभिषेक) अनुष्ठान मनाया जाता है। बसंत पंचमी से ठाकुर जी को गुलाल अर्पित होनी शुरू हो जाएगी जो कि होली तक चलेगी।
गोविंद देवजी मंदिर के प्रवक्ता मानस गोस्वामी ने बताया कि पांच फरवरी को सुबह पांच से सवा पांच बजे तक मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में ठाकुर जी का वेद मंत्रो के साथ पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। ठाकुर जी को नवीन पीली पोशाक धारण कराई जाएगी। श्रृंगार झांकी आरती के बाद सुबह 10.30 बजे मां भगवती सरस्वती का मंदिर के जगमोहन में ठाकुर जी के समक्ष पूजन किया जाएगा। उसके बाद राजभोग आरती होगी। इससे पूर्व धूप झांकी खुलने से पूर्व सुबह साढ़े आठ बजे अधिवासी पूजन होगा। राज्य सरकार के दिशा निर्देशानुसार पंचामृत का वितरण नहीं किया जाएगा और न ही पंचामृत अभिषेक के लिए सूखा सामान लिया जाएगा। इस दिन मंगला झांकी में मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश निषेध रहेगा। इससे बाद विशेष अभिषेक के दर्शन हो सकेंगे।
बसंत पंचमी पर ये रहेगा झांकियों का समय
मंगला झांकी — सुबह 4 से 4.15 बजे तक
धूप झांकी — सुबह 8.30 से 9.45 तक
श्रृंगार झांकी — सुबह 10.15 से 10.45 बजे तक
राजभोग झांकी — सुबह 11.15 से 11.45 बजे तक
ग्वाल झांकी — शाम 4.45 से 5.15 बजे तक
संध्या झांकी — शाम 5.30 बजे से 6.15 बजे तक
शयन झांकी — शाम 7.30 बजे से 7.45 बजे तक
Published on:
01 Feb 2022 02:00 pm
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