
जयपुर। मंत्रिपरिषद की बैठक में बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल और शिक्षा मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच भिड़ंत हो गई। कहासुनी इतनी बढ़ी कि डोटासरा बैठक छोड़कर जाने के लिए खड़े हो गए। अन्य मंत्रियों ने समझाइश कर उन्हें बैठाया। लेकिन बात यहीं नहीं रुकी। मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद भी दोनों में जमकर कहासुनी हुई। यहां भी अन्य मंत्रियों ने समझा-बुझाकर मामला संभाला।
हुआ यों कि मंत्रिपरिषद की बैठक के लिए सभी मंत्री सीएमआर पहुंचे थे। गहलोत अपने निवास के भीतर से वीसी के जरिए हॉल में बैठे सभी मंत्रियों से एक-एक कर बात कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने डोटासरा से पहले धारीवाल को बोलने का मौका दिया। धारीवाल ने अपनी बात रखी, उसके बाद डोटासरा से बात शुरू की।
डोटासरा बोले केंद्र के खिलाफ कलक्टर को ज्ञापन देने चलें
- डोटासरा: संगठन की गतिविधियों में मंत्री अधिक सक्रिय रहें। आलाकमान के निर्देश के अनुसार केंद्र सरकार के खिलाफ खासकर वैक्सीनेशन मामले में विफलता को लेकर 4 जून को सभी मंत्री कलक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने चलें।
- धारीवाल: मंत्री कलक्टर के नाम ज्ञापन क्यों देंगे? वैक्सीन कलक्टर देगा या मोदी सरकार?
- डोटासरा: आप बीच-बीच में टोक रहे हैं। आप अपनी बात पहले बोल चुके हैं। अब मैं बोल रहा हूं तो आपको क्या आपत्ति है? आपने सुना ही नहीं कि मैंने कलक्टरों के नाम नहीं, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने को कहा है।
(इसके बाद दोनों के बीच वीसी के दौरान ही करारी कहासुनी हो गई। नाराज डोटासरा बोलने नहीं देने का आरोप लगाते हुए बैठक छोड़कर जाने को तैयार हो गए। मंत्रियों ने उन्हें समझा-बुझाकर बैठाया। बैठक के बाद हॉल के बाहर भी दोनों में जमकर बहस हुई। इस दौरान भी मंत्रियों ने दखल देकर मामला शांत करवाया)
आपस में चर्चा चल रही थी, कोई खास बात नहीं है।
- शांति धारीवाल, यूडीएच मंत्री
Updated on:
03 Jun 2021 09:40 am
Published on:
03 Jun 2021 09:38 am
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