14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लंबित मांगाें के समाधान के लिए मुख्यमंत्री से मिले कर्मचारी नेता;मिला मांगे पूरी होने का आश्वासन

मुख्यमंत्री लगातार आवास पर कर रहे हैं कर्मचारी नेताओं से मुलाकात

less than 1 minute read
Google source verification
cm_mulakat.jpg

जयपुर. बजट में लंबित मांगों के पूरा नहीं होने पर गुरुवार शाम को कर्मचारी महासंघ एकीकृत के पदाधिकारी प्रदेश अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिले। मुख्यमंत्री ने कर्मचारी नेताओं से उनकी मांगों को लेकर चर्चा की।

अध्यक्ष राठौड व जलदाय तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप यादव ने सामंत कमेटी और खेमराज कमेटी की रिपोर्ट का प्रकाशन, चयनित वेतनमान 9,18,27 के स्थान पर 8,16,24,32, पदनाम परिवर्तन तथा सेवा नियमों में संशोधन और चतुर्थ श्रेणी का पदनाम एमटीएस करने की मांग प्रमुखता से रखी। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की इन लंबित मांगों को परीक्षण के बाद पूरा करने का आश्वासन दिया।
अब मुख्यमंत्री सीधे मुलाकात कर रहे हैं कर्मचारी नेताओं से
चुनावी साल को देखते हुए बजट से पहले सरकार के मंत्री कर्मचारी संगठनों की सभाओं में जा रहे थे और बजट में मांगे पूरी करवाने का आश्वासन दे रहे थे। बजट में कई लंबित मांगे पूरी नहीं होने पर कर्मचारी संगठन नाराज हो गए और आंदोलनों की चेतावनी दे दी। अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नाराज कर्मचारी संगठनों और कर्मचारियों को अपने स्तर पर ही साध रहे हैं।

मुख्यमंत्री लगातार कर्मचारी संगठनों के नेताओं से अपने आवास पर मुलाकात कर रहे हैं और लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कर्मचारी महासंघ और महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने आवास पर बुला चुके हैं।
बजट से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कर्मचारी संगठनों के साथ सीधा संवाद किया था और उनकी लंबित मांगों को बजट में पूरा करने का आश्वासन दिया था। बजट के बाद कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार ने वादा खिलाफी की है और बजट में उनकी लंबित मांगों का जिक्र तक नहीं किया।