देवगढ़ (राजसमंद). सैलानियों के स्वर्ग कश्मीर से कौन वाकिफ नहीं है। इस धरा पर यदि कहीं स्वर्ग है तो यहीं है, यहीं है ये पंक्तियां कश्मीर के नैसर्गिक सौंदर्य पर सटीक बैठती हैं। लेकिन इस धरा पर एक और कश्मीर है जिसकी रौनक भी मानसून में परवान पर होती है। हम बात कर रहे हैं राजसमंद ( Rajsamand ) में देवगढ़ ( Devgrah ) के इस टूरिस्ट स्पॉट गोरम घाट की जहां सिर्फ ट्रेन से पहुंचा जा सकता है। दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर केवल ट्रेन से ही सफर संभव है। उदयपुर ( Udaipur) से करीब 140 किमी दूर गोरम घाट ( goram ghat ) में पहाडिय़ां, झरने ( waterfall ), हरियाली यानी वह सब कुछ है जिसके दीदार हर कोई करना चाहता है। मेवाड़ के इस कश्मीर में फिलहाल रौनक परवान पर है। निकटवर्ती रावली टॉडगढ़ ( todgarh ) अभयारण्य, जोगमंडी वाटर फॉल ( jogmandi waterfall) भी इसको अलग ही आयाम प्रदान करते हैं।
पैर रखने की जगह नहीं ट्रेन में
मेवाड़ ( mewar) के कश्मीर गोरम घाट में अच्छी बारिश के बाद यहां की प्रकृति पर्यटकों को लुभाने लगी है जिससे सैलानियों की रेलमपेल बदस्तूर जारी है। रविवार को भी ट्रेन गोरम घाट जाने वाले सैलानियों से खचाखच भरी थी। जयपुर, अजमेर, किशनगढ़, भीलवाड़ा आदि दूरदराज से गोरम घाट जाने के लिए सुबह 9 बजे से देवगढ़, कामलीघाट ( kamli ghat ) रेलवे स्टेशन पर पर्यटकों की भीड़ रही। गोरम घाट जाने के लिए जोश इस हद तक था कि लोग ट्रेन की छत पर भी बैठे थे।
पुलिस को बुलाना पड़ा
कामलीघाट स्टेशन पर इंजन तक में पर्यटकों के बैठ जाने पर देवगढ़ थाना पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। पुलिस ने ही इंजन से लोगों को उतारा। इस कारण आधे घंटे तक ट्रेन वहीं खड़ी रही। बारिश के बाद गोरमघाट के झरनों और हरियाली के अलौकिक नजारों को देखने के लिए सैकड़ों सैलानी परिवार और दोस्तों के साथ देवगढ़ एवं कामलीघाट रेलवे स्टेशन पहुंचे। ट्रेन में अत्यधिक भीड़ देख कई यात्री तो स्टेशनों से ही बैरंग लौट गए।
सुरक्षा के इंतजाम नहीं
गोरम घाट क्षेत्र में अच्छी बारिश होने के बाद सैलानियों की भीड़ उमड़ रही है। ट्रेन में भीड़ होने के बाद भी रेलवे ( railway ) की तरफ से कोई भी सुरक्षा व्यवस्था नही की गई है। रविवार को मावली ( Mavli ) से मारवाड़ जाने वाली ट्रेन में कामलीघाट रेलवे स्टेशन पर यही सब कुछ देखने को मिला।