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श्रीगंगानगर/पत्रिका न्यूज नेटवर्क. गुजरात में स्मार्ट सिटी में निवेश करने पर मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर सेना के हवलदार व उसके परिचितों से करीब ढाई करोड़ रुपए की ठगने के आरोप में सेना के ही पूर्व सैनिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन पूर्व सैनिकों ने खुद की फर्जी कंपनी बना रखी थी ताकि सेना में कार्यरत कई सैनिकों से संपर्क कर उनसे निवेश के नाम पर ठगी कर सके। इस फजीवाड़े से सेना के हवलदार समेत करीब चालीस से अधिक शिकार हो गए हैं।
जवाहरनगर थाने में परिवादी सीकर जिले के गोविंदपुरा व हाल साधुवाली छावनी में हवलदार राजेंद्रसिंह पुत्र बिडदाराम ने रिपोर्ट दी है। इसमें बताया गया कि सुभाष बिजारणिया व बीरबल तेतरवाल सेना से सेवानिवृत कर्मचारी हैं। इन लोगों ने साधुवाली छावनी आकर बताया कि नेक्सा एवरग्रीन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से गुजरात के भावनगर में नया शहर बसाया जा रहा है। इसे धोलेरो स्मार्ट सिटी नाम दिया गया है।
इसमें रुपयों का निवेश करने वालों को मोटा मुनाफा होगा। इनकी बातों में आकर पिछले साल 7 अप्रेल 2022 को रुपयों का निवेश करने लगे। उसने अपने कई परिचितों और रिश्तेदारों को इन निवेशकर्ताओं की स्कीम के बारे में बताया और मुलाकात भी कराई। ये लोग भी इस प्रोजेक्ट में रुपए निवेश करने लग गए। पिछले महीने जब इन लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया तो मोबाइल बंद मिले। आखिर अपने परिचितों के साथ सीकर स्थित ऑफिस पहुंचा तो वहां पहले से ठगी के कई शिकार लोगों का जमावड़ा देखा। तब पता चला कि ये लोग तो स्मार्ट सिटी के नाम पर कइयों से धोखाधड़ी कर चुके हैं। परिवादी पीड़ित के अनुसार उसके चालीस से अधिक परिचित इस ठगी के शिकार हुए है।
पुलिस ने धोलेरा प्रोजेक्ट के सीएमडी सेना से सेवानिवृत लक्ष्मणगढ़ तहसील के पनलावा निवासी रणवीर बिजारनिया व सुभाष बिजारनिया, इनके बहनोई सीकर जिले के डुडवा निवासी आईटी एक्सपर्ट सुदेश मील व पनलावा निवासी उपेंद्र बिजारनिया, कूदन निवासी बनवारी महरिया, ग्रेनेडियर्स से सेवानिवृत सीकर के गुनाद निवासी बीरबल तेतरवाल, सेवानिवृत झुंझुनू के मदनसर निवासी सलीम खान, सेवानिवृत व सीकर जिले निवासी दातारसिंह शेखावत व सीकर जिले के दुगारा गांव निवासी अमरचंद ढाका के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इसलिए सैनिक ही ठगी के टारगेट:
पीड़ित का कहना था कि इस मामले में नामजद अधिकांश आरोपी सेना की विभिन्न रेजिमेंट से सेवानिवृत है। इन पूर्व सैनिकों की छावनी में आसानी से आवाजाही रहती। इसका फायदा उठाया गया। फर्जी प्रोजेक्ट और झूठे सपने दिखा कर छावनी में कार्यरत सैनिकों का वेतन निवेश के नाम पर लगवाने लगे। पुलिस के अनुसार ये कंपनियां किसी न किसी उत्पाद का व्यापार करने के नाम पर चेन सिस्टम खड़ा करती हैं। इस कंपनी ने रीयल इस्टेट को अपना प्रोडक्ट बनाकर लोगों को ठगा है।
Published on:
26 Feb 2023 04:13 pm
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