
जयपुर में जेके लोन अस्पताल में लगी आग, मची अफरा—तफरी, 60 से ज्यादा बच्चों को बचाया
जयपुर। जे के लोन अस्पताल में सोमवार रात को प्रीफेब वार्ड वार्ड में अचानक आग लग गई। जिसकी वजह से अस्पताल में अफरातफरी मच गई। आग के कारण तीसरी मंजिल पर धुआं ही धुआं फैल गया। जिसके कारण मरीज बच्चों के परिजन घबरा गए। आग की सूचना मिलने पर अस्पताल प्रशासन के सभी अधिकारी व कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे। जहां से 60 से ज्यादा बच्चों को दूसरे वार्डों में तत्काल शिफ्ट कर उनकी जान बचाई गई।
जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक डॉ कैलाश मीणा ने बताया कि जेके लोन अस्पताल की तीसरी मंजिल पर प्रीफेब वार्ड है। जिसमें हिमेटो ओंकोलॉजी वार्ड है। इस वार्ड में सोमवार रात करीब साढ़े दस बजे आग लगी। धीरे धीरे आग बढ़ती चली गई। जिससे वार्ड में चारो तरफ धुआं ही धुआं हो गया। जब अस्पताल के कर्मचारी व अधिकारियों को आग के बारे में जानकारी मिली तो सभी मौके पर पहुंचे। जहां वार्ड की खिड़कियों को तोड़ा गया, ताकी धुआं बाहर निकल सके।
इस दौरान हिमेटो ओंकोलॉजी वार्ड में करीब 30 बच्चे थे। यह बच्चे थैलेसीमिया व कैंसर पीड़ित बच्चे है। जिन्हें तत्काल दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। वहीं हिमेटो ओंकोलॉजी वार्ड के साथ यूनिट सिक्स अटैच थी। जिसमें भी 30 से ज्यादा बच्चे थे। यह बच्चे जनरल वार्ड के मरीज है। इन बच्चों को भी तत्काल दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया।
रो पड़े परिजन, बच्चों की जान बचाने के लिए दौड़े
जेके लोन अस्पताल में सोमवार रात को तीसरी मंजिल पर जब आग लगी। तब वार्ड में बच्चों का इलाज चल रहा था। आग को देखकर अस्पताल में अफरातफरी मच गई। इस दौरान वार्ड के बाहर खड़े बच्चों के परिजन घबरा गए। जो तीमारदार अस्पताल में नीचे आए हुए थे। वह आग को देखकर तीसरी मंजिल पर दौड़े। आग को देखकर परिजन रो पड़े। इसके बाद जब कर्मचारियों ने दूसरे वार्ड में शिफ्ट करने के लिए बच्चों को बाहर निकाला तो कई परिजन अपने बच्चों को लेकर दूसरे वार्डों की तरफ दौड़ते नजर आए।
रात करीब 3 बजे कंट्रोल में आई स्थिति...
जेके लोन अस्पताल में लगी आग पर तो करीब एक घंटे में पूरी तरह काबू पा लिया गया था। लेकिन आग के कारण अस्पताल में स्थितियां बिगड़ गई। रात करीब साढ़े दस बजे जेके लोन अधीक्षक डॉ कैलाश मीणा व अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद डॉक्टर व अन्य स्टॉफ के साथ व्यवस्थाओं को संभाला गया। देर रात तीन बजे तक अस्पताल में दूसरे वार्ड में बच्चों को शिफ्ट कर इलाज सुचारू किया गया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने राहत की सांस ली।
एसी में लगी थी आग, कमेटी करेगी जांच
जेके लोन अधीक्षक डॉ कैलाश मीणा ने बताया कि प्री फेब वार्ड में सबसे पहले एसी में आग लगी थी। जिसके बाद यह आग दूसरे एसी में पहुंच गई। धीरे—धीरे आग बढ़ने लगी। लेकिन समय रहते आग पर काबू पा लिया गया था। लेकिन आग लगने के वास्तविक कारण क्या रहे। इसे लेकर जांच कमेटी गठित की गई है। जो इस मामले की जांच करेगी। मीणा ने बताया कि प्री फेब वार्ड का निर्माण कोरोना काल में किया गया था। यह प्लास्टिक से बना वार्ड होता है। ऐसे में वार्ड को बनाने वाले कॉन्टेक्टर को भी बुलाया गया है। जिससे भी इस संबंध में पूछताछ की जाएगी।
Published on:
18 Jul 2023 08:46 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
