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पांच साल की मेहनत के बाद पूरा हुआ डायरेक्टर बनने का सपना- जगत सिंह

फिल्म 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्खा', 'जय गंगाजल' जैसी फिल्मों में अपनी अदाकारी दिखा चुके जयपुर के जगत सिंह अपनी पहली डायरेक्टरल डेब्यू 'क्रिस्पी रिश्ते' के साथ जयपुर पहुंचे। इस फिल्म में जगत एक्टर के साथ ही डायरेक्टर और राइटर के रूप में भी दिखाई देंगे।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Apr 09, 2022

पांच साल की मेहनत के बाद पूरा हुआ डायरेक्टर बनने का सपना- जगत सिंह

पांच साल की मेहनत के बाद पूरा हुआ डायरेक्टर बनने का सपना- जगत सिंह


. श्रेया घोषाल,पेपॉन, केके जैसे देश के कई बड़े सिंगर्स को एक ही फिल्म में संजोया
जयपुर। फिल्म 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्खा', 'जय गंगाजल' जैसी फिल्मों में अपनी अदाकारी दिखा चुके जयपुर के जगत सिंह अपनी पहली डायरेक्टरल डेब्यू 'क्रिस्पी रिश्ते' के साथ जयपुर पहुंचे। इस फिल्म में जगत एक्टर के साथ ही डायरेक्टर और राइटर के रूप में भी दिखाई देंगे। वूइंग वीसलस से सागर श्रीवत्साव द्वारा प्रोड्यूस की गई इस फिल्म के बारे में जगत ने बताया कि 18-19 साल पहले मुंबई जाने के बाद मैंने हमेशा अपनी फिल्म बनाने का सपना देखा था। शुरुआती विचार 30 मिनट की शॉर्ट फिल्म बनाने का था मगर जैसे.जैसे स्क्रिप्ट आगे बढ़ी, यह श्रेया घोषाल, मोहित चौहान, पेपॉन, साबरी ब्रदर्स, केके, जुबिन नौटियाल, नक्कश अजीज, ऋचा शर्मा, अल्तमश फरीदी सहित देश के कुछ सर्वश्रेष्ठ गायकों द्वारा गाए गए 17 गीतों के साथ एक पूर्ण संगीतमय फीचर फिल्म में बदल गई। जगत ने बताया कि जब वह प्रकाश झा के साथ 'जय गंगाजल' कर रहे थे, तब इस पर काम करना शुरू कर दिया था। शुरुआती साल 2016-17 में सब कुछ लिखने, व्यवस्थित करने और अंतिम रूप देने में चला गया। और लगभग 5 साल तक इस फिल्म पर चली तैयारी में आगे इंडस्ट्री के कुछ सीनियर आर्टिस्ट जैसे बिजेंद्र कालरा, रवि झांकल, श्रुति उल्फत, मुरली शर्मा, भूपेश सिंह और पायल वाधवा जुड़ते चले गए।

देश के सबसे बड़े सिंगर्स ने दी आवाज .
जगत के मुताबिक उन्होंने अपनी टीम के साथ सभी 17 गानों को रिकॉर्ड करने और उन्हें कहानी में जोडऩे के लिए फिल्म के प्री.प्रोडक्शन में 2-3 साल लगाए। फिल्म में 17 गाने हैं, ऐसे गीत लिखना जो स्क्रिप्ट के साथ मिलते.जुलते हों, सबसे बड़ी चुनौती थी। मगर इतने गाने होने के बाद फिल्म म्यूजिकल नहीं लगेगी और सभी गाने फिल्म की कहानी को आगे बताएंगे। फिल्म की यूएसपी के बारे में जगत बताते है कि ये फिल्म अपने साथ पारिवारिक मूल्य जोड़े हुए है। ज्यादातर अपराध और क्राइम पर आधारित फिल्मों के बीच हमने एक परिवार पर आधारित फिल्म बनाने की कोशिश की है और यह भारतीय मूल्यों और संस्कृति और रीति.रिवाजों का प्रतिनिधित्व करती है। साथ ही फिल्म में राजस्थान के गरिमाई मूल्य, संस्कृति देखने को मिलेगी। फिल्म की शूटिंग मूलत: जयपुर के साथ ही मुंबई और कर्नाटक में की गई है।