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राजस्थान में किसान घाटे में बेच रहे सरसों; मांग पूरी नहीं करने पर आंदोलन की तैयारी

Jaipur News: अभी तक सरसों की एमएसपी पर खरीद की तारीख तय नहीं हुई है।

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जयपुर

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Alfiya Khan

Mar 18, 2025

जयपुर। मंडियों में गत 15 फरवरी से सरसों की उपज आना शुरू हो गई और यह न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम पर बिक रही है। अभी तक सरसों की एमएसपी पर खरीद की तारीख तय नहीं हुई है।

वहीं गेहूं का भाव एमएसपी से ज्यादा चल रहा है, इसके बाद भी गत 10 मार्च से गेहूं की एमएसपी पर खरीद शुरू हो गई है। हाल यह है कि गेहूं खरीद केन्द्रों पर किसान नहीं आ रहे हैं। किसान एमएसपी पर सरसों खरीद शुरू करने की मांग कर रहे हैं। सरसों का एमएसपी 5950 रुपए प्रति क्विंटल है, लेकिन मंडियों में पांच हजार के आसपास बिक रही है। वहीं एमएसपी पर गेहूं की खरीद 2575 रुपए प्रति क्विंटल की दर से हो रही है और मंडियों में यह 2800 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा है।

आंदोलन की तैयारी

सरसों खरीद शुरू नहीं होने से नाराज किसान मंगलवार से 20 मार्च तक तहसील, उपखंड एवं जिला स्तर पर ज्ञापनों के माध्यम से आंदोलन की चेतावनी देंगे। महापंचायत के पदाधिकारियों ने बैठक करके यह निर्णय किया है। मांग नहीं मानने पर राज्य स्तरीय प्रदर्शन-धरना जयपुर में होगा।

अप्रेल से सरसों की खरीद शुरू: दक

सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने सोमवार को राजफैड के अधिकारियों की बैठक में कहा अप्रेल से सरसों और चने की समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू होगी। इसके लिए व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें।

सवाल सरसों खरीद में देरी क्यों?

सरकार अप्रेल से सरसों की खरीद शुरू करना चाह रही है। किसानों का कहना है, जब सरसों की पैदावार फरवरी से आना शुरू होती है तो अप्रेल से खरीद शुरू क्यों होती है। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने बताया कि किसानों की ओर से पिछले तीन वर्षों से 15 फरवरी से सरसों खरीद के लिए आग्रह किया जा रहा है, लेकिन व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के चक्कर में सरकार सरसों की खरीद देरी से शुरू करती है।

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