
cm ashok gehlot
जयपुर। इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना से संबंधित प्रयोजनों के लिए पात्र व्यक्तियों के पक्ष में चिन्हित बैंकों एवं अन्य वित्तीय संस्थाओं की ओर से 31 मार्च, 2022 तक जारी किए जाने वाले ऋण दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी से छूट मिलेगी। सीएम अशोक गहलोत ने इस बारे में निर्णय किया है।
युवाओं को स्वरोजगार के लिए हैं योजना
गौरतलब है कि कोरोना महामारी के कारण आजीविका के संकट से प्रभावित होने वाले स्ट्रीट वेंडर्स तथा सर्विस सेक्टर के युवाओं एवं बेरोजगारों को स्वरोजगार से जोड़ने एवं उनकी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए 50 हजार रूपए तक का ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना प्रारंभ की गई है।
इन लोगों को मिलेगा लाभ—
योजना का लक्ष्य गली-मोहल्ले में फेरी चलाने वालों, रिक्शाचालक, कुम्हार, दर्जी, धोबी, हेयर ड्रेसर, मिस्त्री, पेंटर आदि का काम कर गुजर -बसर करने वालों तथा बेरोजगार युवाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हें आजीविका एवं स्वरोजगार के लिए बिना किसी गारंटी के माइक्रो-क्रेडिट सुविधा प्रदान करना है।मुख्यमंत्री ने योजना के तहत स्वीकृत किए जाने वाले 50 हजार रुपए तक के ऋण दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी से छूट देने की मंजूरी दी है।
25 लाख तक के आवासीय भूखण्ड पर भी ये छूट—
राज्य सरकार ने पच्चीस लाख रुपए बाजार मूल्य तक के खाली आवासीय भूखण्डों से संबंधित हस्तान्तरण विलेख पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क घटाया जाकर चार प्रतिशत की दर से लगाने के आदेश दिए है। इसी प्रकार एक अन्य अधिसूचना में चार तलों से अधिक के बहुमंजिला भवन में पचास लाख रुपये बाजार मूल्य तक के फ्लैट से संबंधित हस्तान्तरण विलेख पर भी प्रभार्य शुल्क घटाया जाकर चार प्रतिशत की दर से करने के आदेश दिए है। यह दोनों आदेश ऐसे हस्तान्तण विलेख पर लागू होंगे, जो 31 दिसम्बर 2021 तक निष्पादित और रजिस्ट्रीकरण के लिए प्रस्तुत कर दिया जाएंगे।
Published on:
23 Dec 2021 06:24 pm
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