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ईआरसीपी : 13 जिले, 75 सीटों पर असर, एमपी सरकार की याचिका से नया मोड, कांग्रेस भुनाने में नहीं हट रही पीछे

पूर्वी राजस्थान के लिए ईआरसीपी अब पूरी तरह चुनावी एजेंडा बन चुका हैं और कांग्रेस और बीजेपी इसे इसी चुनावी तराजू से तौल कर देख रहे है।

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जयपुर

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Rahul Singh

Feb 24, 2023

ERCP को लेकर आई बड़ी खबर, सीएम गहलोत ने कर दिया ये नया फैसला

ERCP को लेकर आई बड़ी खबर, सीएम गहलोत ने कर दिया ये नया फैसला

पूर्वी राजस्थान के लिए ईआरसीपी अब पूरी तरह चुनावी एजेंडा बन चुका हैं और कांग्रेस और बीजेपी इसे इसी चुनावी तराजू से तौल कर देख रहे है। ये मसला इतना बड़ा हैं कि कांग्रेस को राज में वापस भी ला सकता है और घर भी भेज सकता है। इसी बात को बीजेपी भी समझ रही है और इसीलिए केन्द्र की मोदी सरकार इसमें अपनी रणनीति भी लगातार बदल रही है।

नजर अदालत पर, निशाना कहीं और :

अब मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने इसे सुप्रीम कोर्ट में घसीट लिया है और मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ई.आर.सी.पी) के चल रहे काम पर रोक लगवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है। ये योजना पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, टोंक, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, अलवर, जयपुर और अजमेर के अलग अलग हिस्सों से जुड़ी हुई है। अदालत ने राजस्थान सरकार से इस बारे में जवाब मांगा है।

राजस्थान और मध्यप्रदेश में इस साल के नवंबर में विधानसभा के चुनाव होने है और सीएम गहलोत सहित कांग्रेस पार्टी ईआरसीपी परियोजना को लेकर मोदी पर लगातार दबाव बना रहे है लेकिन मोदी सरकार इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं कर रही है और इसमें कई शर्ते लगा रही है। इसको लेकर पहले भी जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और गहलोत सरकार आमने सामने हो चुके है।

राजस्थान की 75 सीटों पर असर :

ये परियोजना करीब 75 विधानसभा सीटों पर फर्क डाल सकता हैं और इसी वजह से दोनों दल जनता के बीच जाकर एक दूसरे पर ही आरोप और निशाना लगा रहे है। पिछली बार पूर्वी राजस्थान की वजह से ही कांग्रेस को सत्ता में आने में बड़ी मदद मिली थी और इस बात को पार्टी जानती है और इसीलिए इसे अपनी ओर खींचना चाह रही है ।

याचिका में गहलोत सरकार रखेगी मजबूती से पक्ष :

इस याचिका की सुनवाई के दौरान गहलोत सरकार अपना पक्ष मजबूती से रखेगी ताकि काम आगे बढ़ सके। सीएम गहलोत भी ये दावा कर रहे हैं कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना की डीपीआर केन्द्रीय जल आयोग की गाइडलाइंस-2010 के अनुरूप है। पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना राजस्थान-मध्य प्रदेश अंतरराज्यीय स्टेट कंट्रोल बोर्ड की बैठक के निर्णय के अनुसार बनाई गई है। इसी निर्णय को आधार बनाकर मध्य प्रदेश ने अपने यहां कुण्डलिया और मोहनपुरा बांध निर्मित किए हैं। बीजेपी इसे बदलवाना चाह रही है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर प्लेटफॉर्म पर ईआरसीपी के पक्ष में अपनी बात दृढ़ता से रखेगी एवं अपने हक की लड़ाई जीतकर पूर्वी राजस्थान में जल संकट को दूर करने का कार्य करेंगी।