
शोपीस बन रहे करोड़ों के ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन, आमजन की बजाय 'खास' की जद में
जयपुर। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने वाली सरकार में ही इनके चार्जिंग स्टेशन शोपीस बन रहे हैं। ऐसे सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन 50 से ज्यादा है, लेकिन अधिकतर 'खास' लोगों की जद तक ही समिति हैं। ज्यादातर स्टेशन या तो सरकारी आॅफिसों में बनाए गए हैं या फिर पर्यटन केन्द्र इलाके में। इनमें ऐसी जगह भी हैं, जहां आसानी लोगों की आवाजाही नहीं है। नतीजा, आमजन घर पर ही वाहन चार्ज करने को मजबूर हैं। जबकि, इन चार्जिंग स्टेशन पर करीब 30 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। पत्रिका टीम ने ऐसे चार्जिंग स्टेशन का जायजा भी लिया तो हकीकत सामने आई।
यह है हालात
-उद्योग भवन में ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन लंबे समय से बंद पड़ा है। यहां बड़ी संख्या में पहले वाहन चार्ज कराने के लिए लोग आते थे, लेकिन जिस जगह चार्जिंग पॉइंट है, वहां गाड़ियां पार्क रहती है। इस वजह से यहां चार्जिंग के लिए अब वाहन नहीं आ पा रहे।
-शासन सचिवालय की बेसमेंट पार्किंग में भी चार्जिंग पाइंट है, लेकिन यहां भी बहुत कम संख्या में वाहन चार्ज हो रहे हैं। चार्जिंग में समय लगने के कारण वाहन चालक ठहर नहीं रहे।
-न्यू गेट के पास रामलीला मैदान में पाइंट की सूचना दी गई, लेकिन वहां पाइंट ही नहीं मिला।-जयपुर मेट्रो के कई स्टेशन पर सुविधा दी गई, पर लोगों को जानकारी नहीं होने से इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है।
यह भी कारण, जिसका समाधान जरूरी
1. चार्जिंग स्टेशन जहां बनाए गए, वहां इनका आॅपरेशन और मेंटीनेंस कौन करेगा, यह तय ही नहीं है। साइड इफेक्ट यह रहा कि न तो संचालन हो रहा और नही मेंटीनेंस।
2. चार्जिंग स्टेशन संचालकों के लिए बिजली दर 6 रुपए प्रति यूनिट तय कर दी गई, लेकिन ये संचालक वाहन चालकों से किस दर पर चार्जिंग शुल्क लेंगे, यह तय ही नहीं। इससे भी गफलत की स्थिति बनी हुई है।
3. चार्जिंग के लिए वाहन आए या नहीं, स्टेशन संचालक को फिक्स चार्ज तो देने ही होंगे। इसमें छूट चाह रहे।
प्रदेश में ई-वाहनों की संख्या
वर्ष----------चौपहिया----दुपहिया-----तिपहिया
2022 ------- 1409 -----53576-----22433
2021 -------- 542 ------13959- ---8936
2020 ---------112 ------1968-- ---3521
2019 ---------7 --------41---- ---4609
2018 -------- 7 --------1505 - ---3151
घर में चार्जिंग के दौरान आग की घटना, संभल कर रहे चार्ज
-तीन महीने पहले अजमेर जिले के ब्यावर में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। अन्य दो पेट्रोल वाहन भी चपेट में आ गए। दमकलों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
-गुजरात स्थित सूरत जिले के पलसाना तालुका के अंत्रोली गांव में पिछले माह एक ई-वाहन में आग लगी। हादसे में परिवार तो बच गया लेकिन घर जलकर खाक हो गया।
यहां डेढ़ साल से अटका प्लान
बाजार में ई-वाहनों को चार्ज के लिए जेडीए को करीब 70 चार्जिंग स्टेशन बनाने थे।सभी स्थानों पर फास्ट चार्जर लगाए जाने थे, जिससे 60 मिनट में वाहन चार्ज हो सके। जेडीए ने इसलिए हाथ पीछे खींच लिए, क्योंकि वह अपनी कमर्शियल उपयोग की जगह को चार्जिंग स्टेशन के लिए नहीं देना चाहता।
Published on:
05 Jan 2023 10:18 pm
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