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डीजल चोरी में रेलवे कर्मचारियों की भी मिलीभगत

50 रुपए में खरीद कर 80 रुपए में बेच रहे थे डीजल

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जयपुर

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Lalit Tiwari

Jan 28, 2022

डीजल चोरी में रेलवे कर्मचारियों की भी मिलीभगत

डीजल चोरी में रेलवे कर्मचारियों की भी मिलीभगत

नेशनल हाइवे एन.एच 8 पर तेल चोरी करने के मामले में पुलिस ने सरगना सहित तीन बदमाशों को दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में बदमाशों ने रेलवे कर्मचारियों की भी मिली भगत की जानकारी दी है। पुलिस अब इस मामले में रेलवे कर्मचारियों से भी पूछताछ करेगी जो इस घोटाले में लिप्त थे। इसके साथ ही पुलिस गिरोह के अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस का मानना है कि एक साल तक चलने वाले इस रैकेट में सिर्फ तीन व्यक्ति नहीं हो सकते हैं। इसके लिए और भी लोग शामिल हो सकते हैं। बदमाशों ने डीजल चुराने के लिए डार्क नाइट होटल के पीछे पूरा बाड़ा ले रखा था। जिससे कि टैकर से तेल निकालते समय किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

पुलिस ने पकड़ा तब निकाल रहे थे डीजल
बगरू थानाप्रभारी विक्रम सिंह चारण ने बताया कि तीनों आरोपी डीडवाना नागौर निवासी कालू खां, मौजमाबाद निवासी विजेन्द्र मीणा और छीतरोली बगरू निवासी राजू कुमावत बाड़े के पीछे डीजल निकाल रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें धऱ दबोचा। पुलिस ने बताया कि जमीन पर रखे चार ड्रम ,लोडिंग टैम्पो और डीजल से भरे चार ड्रम, कार और बाइकस बैल्डिंग मशीन और लोहे के उपकरण बरामद किए हैं।

अब तक 1.80 लाख डीजल चोरी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आरोपी एक साल से डीजल चुराने का काम कर रहे थे। आरोपी अब तक 1.80 लाख का डीजल चुराकर भारतीय रेलवे और पेट्रोल पंप संचालकों को 1.45 करोड़ की चपत लगा चुके हैं। पुलिस ने बताया कि आसलपुर में भारत पेट्रोलियम का डीजल, पेट्रोल स्टोरेज डिपो है। बीना मध्यप्रदेश रिफाइनरी वाया कोटा से डिपो में पाईप लाइन से पेट्रोलियम पदार्थ इस डिपो में आता हैं। यहां से टैंकरों में भारतीय रेलवे जयपुर और पेट्रोल पंपों पर सप्लाई होता हैं। विजेन्द्र मीणा और राजू कुमावत आसलपुर डिपो से ही रेलवे जयपुर और अन्य पेट्रोल पंपों पर डीजल की सप्लाई देने वाले टैकर चालकों से मिली भगत करते थे। आरोपी चालकों से 50 रुपए के हिसाब से डीजल लेते थे और उन्हें 80 रुपए डीजल के हिसाब से बेचते थे।