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90 फीसदी अंक लाने वाले को भी लेनी पड़ रही काउंसलिंग, एक्सपर्ट ने ऐसे छात्रों को दिए टिप्स

सीबीएसई 10 वीं और 12 वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम आ चुके हैं। परिणाम में 80 से 90 फीसदी अंक लाने वाले छात्र भी और बेहतर कर पाने की सोच रहे हैं। ये छात्र अपने करियर को लेकर चिंतित हैं।

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जयपुर। सीबीएसई 10 वीं और 12 वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम आ चुके हैं। परिणाम में 80 से 90 फीसदी अंक लाने वाले छात्र भी और बेहतर कर पाने की सोच रहे हैं। ये छात्र अपने करियर को लेकर चिंतित हैं। किसी का दोस्त आगे निकल गया तो कोई अच्छा कॉलेज नहीं मिल पाने की टेंशन में है। हालात ऐसे हैं कि अभिभावकों को इन छात्रों की काउंसलिंग तक करानी पड़ रही है।

इस पर एक्सपर्ट का कहना है कि सिर्फ नंबर सफलता का आधार नहीं है। 10 वीं और 12 वीं के अंकों के आधार पर जीवन का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता। असली परीक्षा वहीं होती है जो जिसका परिणाम आपकी जिदंगी को बदलने वाला होता है। ये परीक्षाएं इतनी जिंदगी में इतनी अहम नहीं है।

सीबीएसई ने भी शुरू की काउंसलिंग
परिणाम के विपरीत प्रभाव को देखते हुए सीबीएसई ने भी मनोवैज्ञनिक परामर्श सेवा की शुरुआत की है। इसमें देश ही नहीं, विदेश के एक्सपर्ट भी शामिल हैं। रोज आठ घंटे तक छात्रों की काउंसलिंग की जा रही है। छात्र रिजल्ट संबंधी समस्याएं दूर कर सकते हैं।

यह रहा है कि छात्रों का परिणाम

बारहवीं कक्षा
- 48 हजार 853 विद्यार्थियों ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए।
- 40 हजार 711 ने 60 से 75 प्रतिशत
- 10268 ने 50 से 60 प्रतिशत,
- 482 ने 40 से 50 प्रतिशत,
- 10 ने 40 से 45 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं।

दसवीं कक्षा
- 55 हजार 088 ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए
- 40 हजार 265 ने 60 से 75 प्रतिशत
- 19 हजार 606 ने 50 से 60 प्रतिशत
- 5642 ने 45 से 50 प्रतिशत
- 2550 ने 40 से 45 प्रतिशत अंक हासिल किए।

टॉपिक एक्सपर्ट
छात्र नंबरों को महत्व देते हैं। वे पहले ही वे अपने रिजल्ट का एक का ल्पनिक फिगर सोच लेते हैं। जब वे कम नंबर लाते हैं तो डिप्रेशन में आ जाते हैं। वे कॉग्निटिव डिस्टॉर्शन का शिकार हो जाते हैं। उन्हें समझना होगा कि नंबर सफलता का आधार नहीं है। सामान्य छात्र भी सफल व्य क्ति बन सकता है।
आलोक त्यागी, मनोचिकित्सक

परिणाम से जिंदगी प्रभावित नहीं होती
जो छात्र तनाव में हैं। कहना चाहूंगा कि ये इतनी बड़ी परीक्षाएं नहीं है कि पूरी जिंदगी प्रभावित हो जाए। यह तो सिर्फ शुरुआत है। जिंदगी में कई मौके आते हैं। कमर कस लें और उस परीक्षा की तैयारी करें जो आपकी करियर के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
गौरव अग्रवाल, शिक्षा निदेशक और सिविल सर्विसेज परीक्षा 2013 टॉपर