
जयपुर. Business Plan : कैब कम्पनियां निजी वाहनों को भी टैक्सी सर्विस में लगा रही हैं। महज 3-4 हजार रुपए की मामूली रकम में निजी वाहनों को कॉमर्शियल सर्विस में लगाया जा रहा है। इतना ही नहीं कैब कम्पनियों के एजेंट सोशल मीडिया पर खुलेआम प्रचार भी कर रहे हैं। जबकि मोटर वाहन अधिनियम के तहत यह सरासर गलत है।
व्यावसायिक पंजीयन की यह प्रक्रिया
कैब, टैक्सी सहित किसी भी प्रकार की व्यावसायिक सर्विस के लिए वाहन का व्यावसायिक पंजीयन, परमिट व कॉमर्शियल इंश्योरेंस आवश्यक है। लोग टैक्स बचाने के लिए गलत प्रक्रिया अपना रहे हैं। निजी वाहन को कैब सर्विस में लगाने पर इनकम शुरू हो जाती है। साथ ही वे जब चाहे उसे कैब से हटाकर निजी उपयोग में लेते हैं। परिवहन विभाग ने राज्य में कैब व बाइक टैक्सी के व्यावसायिक पंजीयन की प्रक्रिया तय कर रखी है। जिसके अन्तर्गत अन्य कैब, टैक्सी व बाइक टैक्सी को परमिट जारी किया जाता है। चालक को परमिट के लिए आरटीओ में आवेदन करना होता है। करीब 2-4 हजार रुपए शुल्क लेकर परमिट जारी किया जाता है। इसके बाद उसे व्यावसायिक मानते हुए नया नंबर जारी किया जाता है। वाहन पर पीले रंग की नंबर प्लेट लगाई जाती है।
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जिम्मेदारी इनकी
यात्री व वाहन चालक दोनों के लिए जरूरी है कॉमर्शियल वाहन
● व्यावसायिक पंजीयन पर ही बाइक टैक्सी का संचालन करवाने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग की है। आरटीओ के अधिकारियों के अनुसार निजी नंबर पर चल रही कैब व बाइक टैक्सी का संचालन गलत है। इस पर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।
● ऑनलाइन कैब कम्पनियां निजी वाहनों का पंजीयन अपनी कम्पनी में कर रही हैं, यह भी गलत है। आरटीओ से पहले जिम्मेदारी इन्हीं कम्पनियों की हैं। वे निजी वाहनों को रजिस्टर ही नहीं करें।
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● मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार टैक्सी सर्विस देने वाले किसी भी वाहन का व्यावसायिक श्रेणी में पंजीयन करवाना अनिवार्य है।
● निजी वाहन से बिना पंजीयन टैक्सी का संचालन करना गैर कानूनी है। इस पर जुर्माने का प्रावधान है।
● निजी वाहन का इंश्योरेंस अलग होता है, जो कि केवल चालक को सुरक्षा प्रदान करता है। जबकि व्यावसायिक वाहन का इंश्योरेंस अलग श्रेणी का होता है, यह चालक के साथ सवारी को भी सुरक्षा प्रदान करता है।
● निजी वाहन का व्यावसायिक श्रेणी में संचालन किया जाता है और दुर्घटना हो जाती है तो किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होता है।
● बिना इंश्योरेंस किसी भी वाहन को सड़क पर चलाना गैर कानूनी है।
Published on:
17 Apr 2023 12:40 pm
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