
Home Guard News: जयपुर। राज्य में तैनात 2600 से अधिक बॉर्डर होमगार्ड विराम भत्ते का इंतजार कर रहे हैं। पिछले तीन साल से बॉर्डर होमगार्ड का विराम भत्ता सरकार ने बंद कर दिया है। इससे इनके वेतन में कटौती हो गई है। गृह रक्षा विभाग के भत्ता रोकने के चलते बॉर्डर होमगार्ड को आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ रहा है।
वर्षों से राज्य की कानून व्यवस्था व आंतरिक सुरक्षा के लिए बॉर्डर होमगार्ड को सरकारी विभागों, उपक्रमों, अर्द्ध शासकीय उपक्रमों व अन्य निजी एजेंसियों में तैनात किया जाता है। मुख्यालय के बाहर सेवाएं देने पर निर्धारित प्रावधानों के आधार पर 60 दिन के ठहराव पर न्यूनतम दर से इन्हें विराम भत्ता दिया जा रहा था, लेकिन वर्ष 2022 में यह भत्ता बंद कर दिया।
कोरोना ड्यूटी में 60 दिन से अधिक दिन तक सेवाएं देने वाले बॉर्डर होमगार्ड को विराम भत्ता देने के लिए गृह रक्षा विभाग ने राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा था। इस पर राज्य सरकार ने वित्त विभाग के परामर्श अनुसार विराम भत्ता देने के लिए नई नीति निर्धारण करने के आदेश प्रदान किए। इसी आदेश पर गृह रक्षा विभाग ने आज तक सभी बॉर्डर होमगार्ड का विराम भत्ता रोक रखा है।
बॉर्डर होमगार्ड लालचंद ने बताया कि मुख्यालय से सैकड़ों किलोमीटर दूर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अस्थायी तौर पर तैनात जवानों को कई आर्थिक कठिनाइयों और समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि बॉर्डर होमगार्ड सशस्त्र चार बटालियनों का गठन राजस्थान राज्य के सीमावर्ती चार जिलों में भारत-पाकिस्तान युद्ध 1965 के बाद किया गया था। अब राज्य की कानून व्यवस्था व आंतरिक सुरक्षा के लिए भी इन्हें तैनात कर सेवाएं ली जा रही हैं।
घर से दूर रहकर बॉर्डर होमगार्ड सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा इन्हें जरूरत पड़ने पर कानून व्यवस्था व आंतरिक सुरक्षा के लिए उपयोग में लिया जाता है। सरकार इनका हक नहीं छीने, विराम भत्ते का भुगतान पहले ही तरह शुरू करें। करीब 3 साल से इनका भत्ता रोक रखा है।
-ईरा बॉस, प्रदेशाध्यक्ष, युवा हल्ला बोल
Published on:
02 Apr 2025 12:56 pm
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