
जयपुर। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष और राजस्थान क्रिकेट संघ के उपाध्यक्ष रहे अमीन पठान ने बुधवार को भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। उनके समर्थन में कोटा और अजमेर के कई पार्षदों ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने उन्हें कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कराई। पठान को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का करीबी माना जाता है।
इस दौरान गहलोत ने कहा कि पठान लंबे समय से खेलों के साथ-साथ भाजपा में भी सक्रिय रहे हैं लेकिन वहां जिस तरह का माहौल है, उसमें कोई भी व्यक्ति काम करना पसंद नहीं करता है। पठान के आने से कांग्रेस को मजबूती मिलेगी।
भाजपा अब वाजपेई-शेखावत वाली पार्टी नहीं
कांग्रेस में शामिल होने के बाद पठान ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा अब अटल बिहारी वाजपेई और भैरों सिंह शेखावत वाली पार्टी नहीं रही है। सबका साथ सबका विकास का नारा केवल दिखावा है।
भाजपा सरकार में किसान, मजदूर और गरीबों की अनदेखी हो रही है जबकि कांग्रेस हर वर्ग के लिए काम कर रही है। बताया जाता है कि पठान कोटा के लाडपुरा और भरतपुर के कामां से टिकट मांग रहे थे लेकिन भाजपा ने किसी भी मुस्लिम चेहरे को टिकट नहीं दिया, जिसके बाद से ही उऩकी नाराजगी सामने आ रही थी।
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गौरतलब है कि इस बार भाजपा ने इस बार प्रदेश की 200 सीटों में से किसी भी सीट पर मुस्लिम नेता को टिकट नहीं दिया है। वसुंधरा सरकार में ताकतवर मंत्री रहे युनूस खान ने भी टिकट नहीं मिलने पर डीडवाना से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में ताल ठोक दी है।
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Published on:
15 Nov 2023 10:09 pm
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