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राजस्थान के जलदाय मंत्री बोले-हर गलती की कीमत चुकानी होगी,लीकेज मरम्मत में देरी पर फर्म पर लगाया 1.50 लाख का जुर्माना

तय समय से 7 घंटे बाद हुई थी बीसलपुर पाइप लाइन की मरम्मत

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जयपुर.

वर्ष 2009 से जयपुर शहर की लाइफ लाइन बीसलपुर परियोजना के रख-रखाव व लीकेज की मरम्मत को लेकर जलदाय विभाग सख्त हो गया है। विभाग के मंत्री कन्हैयालाल चौधरी और सचिव डॉ. समित शर्मा के निर्देश पर पाइप लाइन के लीकेज की मरम्मत में तय समय से जितना अधिक समय लगेगा, उसके हिसाब से रख-रखाव कर रही फर्म पर जुर्माना लगाना शुरू कर दिया है। गत जनवरी में पाइप लाइन में लीकेज की मरम्मत तय समय से 7 घंटे की देरी से हुई थी और फर्म पर प्रतिघंटे के देरी के हिसाब से पहली बार 1.50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
कई प्रोजेक्ट चल रहे देरी से, जुर्माना कब
जलदाय इंजीनियरों ने बताया कि जयपुर में पृथ्वीराज नगर पेयजल प्रोजेक्ट समेत प्रदेश में हजारों करोड़ रुपए के कई प्रोजेक्ट हैं, जो वर्षों से पूरे नहीं हुए हैं। लेकिन कभी भी ठेका फर्मों पर कार्रवाई और जुर्माना लगाने की कार्रवाई जलदाय विभाग ने नहीं की। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शीर्ष इंजीनियर देरी पर जुर्माना लगाने को लेकर चुप्पी साधे बैठे रहे।

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हर गलती की कीमत चुकानी होगी

जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने कहा कि बीसलपुर सिस्टम से लिए गए शटडाउन के बाद प्रोजेक्ट के रख-रखाव की समीक्षा की थी। तब इंजीनियरों और ठेका फर्मों को चेताया था कि हर गलती की कीमत चुकानी होगी। बीसलपुर पाइप लाइन के लीकेज की मरम्मत में देरी पर जुर्माना लगाना तो शुरुआत है।