20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan का ये सरकारी अफसर अकूत दौलत का मालिक निकला, नोट गिनने के लिए मशीनें लगी रहीं…

इस बीच एसीबी अफसरों ने देर रात तीन बजे तक कार्रवाई की है और राठौड एवं परिवार के बेहद नजदीकी लोगों के नाम से ली गई सम्पत्ति की जानकारी जुटा ली है।

2 min read
Google source verification
acb_trap_photo_2022-04-08_11-01-51.jpg

जयपुर
राजधानी जयपुर में सचिवालय के पीछे स्थित बायो फ्यूल प्राधिकरण के अफसर सुरेन्द्र सिंह राठौड के ट्रेप मामले में एसीबी ने अपना काम कर दिया है। अब इस मामले मेें आबकारी, इनकम टैक्स और ईडी की नजर है। इन तीनों विभागों से जुड़े अफसरों ने एसीबी अफसरों के साथ इस मामले में बातचीत की है। बताया जा रहा है कि आबकारी ने इस मामले में रिपोर्ट ले ली है और आज मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस बीच एसीबी अफसरों ने देर रात तीन बजे तक कार्रवाई की है और राठौड एवं परिवार के बेहद नजदीकी लोगों के नाम से ली गई सम्पत्ति की जानकारी जुटा ली है।

45 अलग अलग सम्पत्ति की सूची बनाई गई देर रात तक
एसीबी अफसरों ने बताया कि राठौड, उनके बेटे, पुत्रवधु, पत्नी और परिवार के बेहद नजदीकी कुछ अन्य लोगों के नाम से लिए गए फार्म हाउस, पेंट हाउस, भूखंड, कारोबारी फर्म, लग्जरी गाड़ियों की सूची बनाई गई है। लिस्ट में 45 सम्पत्ति दर्ज की गई हैं। कीमत करोड़ों नहीं अरबों रुपयों में है। सभी के दस्तावेज आज पूरे कर लिए जाएंगे। उसके बाद सभी के बारे में और गंभीरता से पूछताछ की जाएगी।

आज कोर्ट में पेशी और फिर लंबा रिमांड संभव, पुरानी फाइलें भी खंगाल रही एसीबी
एसीबी अफसरों ने बताया कि देर रात तक पूछताछ के चलते आज राठौड और संविदा कर्मी देवेश को कोर्ट में पेश किया जाएगा। उसके बाद दोनो का रिमांड लिया जाएगा। एसीबी अफसरों ने बताया कि देवेश की भूमिका फिलहाल ज्यादा सामने नहीं नहीं आई है। राठौड़ के बारे में विभाग के कार्मिकों से एसीबी ने उन फाइलों के बारे में भी जानकारी मांगी है जो फाइलें पिछले दिनों राठौड़ के पास थीं।

ये है पूरा मामला
दरअसल एसीबी की जयपुर ग्रामीण इकाई को परिवादी द्वारा शिकायत दी गई कि उसके बॉयो फ्यूल के व्यापार को निर्बाध रूप से चलने देने की एवज में सुरेन्द्र सिंह राठौड़ मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बॉयो फ्यूल प्राधिकरण, राजस्थान, जयपुर द्वारा 15 लाख रुपये मासिक बंधी के रूप में तथा लाईसेंस नवीनीकरण हेतु 5 लाख रुपये, कुल 20 लाख रुपये की रिश्वत राशि मांग कर परेशान किया जा रहा है। इस पर एसीबी ने ट्रेप करने के लिए जाल बिछाया और जाल में राठौड फंस गया।


बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग