
हॉस्टल में दो ट्रेनी नर्सों का अश्लील वीडियो बनाकर फ्रेंड ने कर दिया वायरल।
विकास जैन
जयपुर। राज्य में अन्य प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया की तरह ही अब नर्सिंग में भी 100 प्रतिशत सीटों पर राज्य सरकार अपने स्तर पर मेरिट के जरिये ही प्रवेश देगी। यह बदलाव 2023-24 सत्र से लागू होगा। हालांकि 2022-23 सत्र में फैडरेशन के पास यह अधिकार बरकरार रहेगा। लेकिन इस सत्र में भी उसके पास सीटों का दायरा 50 से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। उक्त सभी बदलाव राज्य में संचालित सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त नर्सिंग स्कूलों में लागू होंगे।
अभी तक जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पोस्ट बेसिक नर्सिंग पाठ्यक्रमों में दो निजी फैडरेशन के जरिये 50 प्रतिशत सीटों पर निजी कॉलेजों को सीधे प्रवेश के अधिकार मिले हुए थे। जिससे कम मेरिट वाले विद्यार्थियों को भी अच्छी मेरिट वाले विद्यार्थियों के कॉलेजों में निजी कॉलेज मोटी फीस लेकर प्रवेश दे रहे हैं। इतना ही नहीं, इससे फैडरेशन भी करोड़ो रुपए के वारे न्यारे कर रही है। फैडरेशन के जरिये प्रवेश प्रक्रिया को राज्य सरकार के महाधिवक्ता और इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) भी गलत ठहरा चुके हैं। फाइट फॉर राइट के प्रदेश अध्यक्ष सुनील शर्मा ने भी कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी।
आरक्षण खत्म होने पर भी उठे थे सवाल
फैडरेशन के जरिये प्रवेश दिए जाने से नर्सिंग की करीब 17 हजार सीटों में से 8500 सीटें आरक्षण की श्रेणी से बाहर ही हो गई थी। शेष 8500 सीटों में से 50 प्रतिशत करीब 4500 पर ही आरक्षण से प्रवेश का लाभ अभ्यर्थियों को मिल रहा था।
पत्रिका ने लगातार उठाया मामला
राज्य के हजारों विद्यार्थियों से जुड़े इस मुद्दे को राजस्थान पत्रिका ने लगातार प्रमुखता से उठाया। जिसमें बताया गया कि किस तरह कम मेरिट के बावजूद मोटी फीस देकर नर्सिंग में चहेतों के जरिये प्रवेश दिए जा रहे हैं।
मांग : इस सत्र से ही लागू करे बदलाव
अब विभिन्न संगठनों ने 100 प्रतिशत सीटों पर मेरिट से प्रवेश के बदलाव को इस वर्ष के सत्र से ही लागू करने की मांग की है।
Published on:
08 Dec 2022 08:51 pm
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