
Youth kidnapping, life threatens to kill
सब कुछ फिल्मी अंदाज में हुआ। एक श्रमिक घर से निकल निश्ंिचत भाव से प्रताप सर्कल की ओर बढ़ रहा था तभी घात लगाए बैठे चार जने एकाएक उसके सामने आए, मुहं दबोचा, गाड़ी में धकेला और हो गए रफूचक् कर। आस पास मौजूद महिलाएं और अन्य लोग यह सब देख सकते में गए। कोहराम सा मच गया, कोई कुछ समझ नहीं पाया, लेकिन घबराई महिलाएं अपने अपने घरों में जा दुबकी। अपहरणकर्ता चार घंटे बाद लहुलूहान हालत में श्रमिक को प्रताप सर्कल के पास ही छोड़ गए और तब अपहरण के रहस्य से पर्दा उठा कि ये घटनाक्रम के पीछे आपसी विवाद था।
प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार न्यू हाउसिंग बोर्ड निवासी 30 वर्षीय मुकंंद सिंह सुबह मिल में मजदूरी के लिए घर से निकला। वह प्रताप सर्कल के समीप पहुंचा ही था कि तीन-चार जनोंं ने उसे आ घेरा, उसका मुंह दबोच लिया और गाड़ी में डाल दिया। इसे देख लोग सकते में आ गए। मुकंद सिंह के साथ मौजूद एक अन्य कार्मिक ने उसके परिजनों को इसकी सूचना दी। इस पर घबराए परिजनों ने पार्षद सुरेश कलाल व पुलिस को बुलाया और एक व्यक्ति पर शक जताते हुए पूरे मामला बताया। तब कांस्टेबल मणिलाल ने अपनी तफ्तीश शुरू की तो सामने आया कि इससे पहले भी दोनों के बीच विवाद हुआ था और मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद राजीनाम हो गया था। करीब 10 बजे युवक लौट आया तब कॉलोनी वासियों ने राहत की सांस ली।
पीडि़त की जुबानी:
लहुलूहान हालत में लौटे मुकंद ने हाउसिंग बोर्ड पुलिस चौकी में पहुंच आरोप लगाया कि भंवरसिंह व उसके साथी उसे गाड़ी में जबरन बैठाकर शहर व उसके आस-पास के क्षेत्रों में घुमाते रहे। पहले त्रिपुरा कॉलोनी ले गए। रास्ते में उन्होंने मारपीट की। उन्होंने कहा कि यहां नौकरी नहीं करने देंगे। उन्होंने धमकी दी कि पुलिस को शिकायत की तो जान से मार देंगे।
Published on:
07 Apr 2017 09:11 pm
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