
Rajasthan Bjp का 'बूथ मैनेजमेंट' शुरू, 6 हजार कमजोर बूथ पर रहेगा फोकस
जयपुर। राजस्थान भाजपा के प्रभारी और राष्ट्रीय महामंत्री अरूण सिंह के एक बयान से प्रदेश भाजपा में हलचल हो गई है। अरूण सिंह ने पिछले दिनों ये कह दिया था कि राजस्थान भाजपा संगठन के दोनों प्रमुख ताकतवर पदो प्रदेशाध्यक्ष-संगठन महामंत्री पर विधानसभा चुनाव तक बदलाव नहीं होगा । सिंह के इस कथन ने प्रदेश की भाजपा राजनीति में अब सियासत शुरू हो गई है।
जिलों में गुटबाजी हावी-
दरअसल करीब एक दर्जन जिलो मे मौजूदा भाजपा जिलाध्यक्ष से स्थानीय भाजपा विधायक, वरिष्ठ भाजपा नेता नाराज चल रहे हैं।बाकायदा वह अपने भाजपा जिलाध्यक्ष के कामकाज तौरतरीके की भाजपा प्रदेश संगठन तक शिकायत दर्ज करा चुके हैं पर नतीजे में उन्हें अभी तक असफलता हाथ लगी है।
संगठन मुखिया के हैं पसंदीदा-
इसकी वजह भाजपा जिलाध्यक्षो के प्रदेश संगठन मुखिया के पसंदीदा होने की है। अब जब बदलाव नहीं, तो विधानसभा चुनाव तैयारी-नतीजों पर इसका असर पडना है और विधायक और विधायक का चुनाव लड़े नेताओ के चुनाव में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
प्रदेश में भी बने हुए हैं कई गुट- राजस्थान भाजपा में प्रदेश स्तर पर कई गुट बने हुए हैं। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे , प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत, प्रतिपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया सहित कई नेता और उनके समर्थक अपनी लॉबिंग करते रहते है।
Published on:
14 Aug 2022 01:21 pm
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