
'खालिस्तान आंदोलन' का सबसे बड़ा चेहरा कैसे बना अमृतपाल सिंह
Amritpal Singh Updates: खालिस्तान समर्थक और वारिस पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल सिंह को आखिरकार करीब 36 दिन बाद मोगा पुलिस ने पकड़ लिया। इसके पहले पंजाब पुलिस ने राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और नेपाल की सीमा से सटे इलाकों में उसकी तलाश की थी। 18 मार्च को पुलिस कार्रवाई शुरू होने के बाद से अमृतपाल लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, राजस्थान कनेक्शन को लेकर भी चर्चाएं खूब रही। इससे पहले राजस्थान पुलिस को अमृतपाल सिंह के बारे में कुछ अहम सूचनाएं मिली थी। सूचनाओं की तस्दीक के बाद राजस्थान पुलिस की स्टेशल टीमों ने पंजाब पुलिस की मदद के लिए कई अलग अलग स्थानों पर दबिश दी थी। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब पंजाब और राजस्थान पुलिस पूर्व सूंचनाओं को देखते हुए उसके राजस्थान कनेक्शन को भी खंगालेगी, साथ ही जानकारी जुटाई जाएगी कि उसका राजस्थान में कोई ठोस नेटवर्क तो नहीं है।
गौरतलब है कि 18 मार्च की रात को अमृतपाल के लुधियाना पहुंचने और वहां शेखपुरा गुरुद्वारे में कुछ देर ठहरने की सूचना थी। यहीं से वह एक स्कूटी पर बैठकर रात को निकलना बताया गया था। इसके बाद 20 मार्च को अमृतपाल कुरुक्षेत्र पहुंचा यहां से हरियाणा रोडवेज की बस में चढ़ गया। मालुम चला कि हरियाणा में अमृतपाल और पप्पलप्रीत ने एक महिला के घर में शरण ली थी जिसे हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा राजस्थान, हरियाणा, गुरुद्वारा लंगर साहिब, समेत पीलीभीत, सपरोड, साहनेवाल और नदलोल से जुड़े गुरुद्वारों में शरण ली थी
खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को रविवार सुबह गांव रोडे से 6 बजकर 45 मिनट पर पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अमृतपाल पहली बार चर्चा में जब आया था, तब उसने देश के गृहमंत्री अमित शाह को खुली धमकी दे डाली थी। इसके साथ ही यह भी माना जा रहा है कि देश के कई गैंगस्टर पिछले कुछ महीनों से राजस्थान को सुरक्षित मानते हुए यहां फरारी काटने के लिए अपने कनेक्शन बना रहे हैं। इससे पहले भी 2022 में पंजाब का मोस्ट वांटेड राज हुड्डा जयपुर में छिपा था, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कई गुर्गों के राजस्थान कनेक्शन सामने आए हैं। वहीं कुछ दिन पूर्व अतिक अहमद का बेटा भी अजमेर में देखा गया था। राजस्थान पुलिस के इंटेलीजेंस के पास अमृतपाल सिंह को लेकर भी ऐसी सूचनाएं थी कि वह राजस्थान के गंगानगर में आया था। यही वजह है कि अब राजस्थान और पंजाब पुलिस उसके राजस्थान कनेक्शन को खंगालने वाली है।
राजस्थान में होने की थी पुख्ता सूचना
पंजाब पुलिस ने अब राजस्थान पुलिस से मदद मांगी है। डीजीपी उमेश मिश्रा और एडीजी दिनेश एमएन की स्पेशल टीमें राजस्थान में अमृतपाल सिंह के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि राजस्थान पुलिस को अमृतपाल सिंह के बारे में कुछ अहम सूचनाएं मिली है। इस सूचनाओं की तस्दीक करने के साथ राजस्थान पुलिस की स्टेशल टीमें अलग अलग स्थानों पर दबिश दे रही है। हालांकि राजस्थान पुलिस के डीजीपी उमेश मिश्रा ने अमृतपाल सिंह से जुड़ी कोई भी जानकारी शेयर नहीं की है। उमेश मिश्रा लम्बे समय तक इंटेलीजेंस में रहे हैं और इससे पहले वे एटीएस के मुखिया भी रहे हैं। उनका सूचना तंत्र काफी मजबूत माना जा रहा है और इन खुफिया सूचनाओं के जरिए ही राजस्थान पुलिस को अमृतपाल सिंह के बारे में कुछ इनपुट मिले हैं। पंजाब पुलिस द्वारा राजस्थान पुलिस से हेल्प करने के आग्रह के बाद राजस्थान पुलिस की टीमें एक्टिव मोड पर आ गई हैं।
कौन था अमृतपाल सिंह
अमृतपाल सिंह वारिस पंजाब दे संगठन का प्रमुख है। इसने कुछ महीनों पहले ही संगठन की बागडोर संभाली थी। अमृतपाल अमृतसर के गांव जंडुपुर खेरा का रहने वाला है। 2012 से पहले ही अमृतपाल का परिवार दुबई चला गया था। वहां परिवार ने ट्रांसपोर्ट का काम शुरू कर दिया। 2013 में दुबई में ट्रांसपोर्ट का कामकाज अमृतपाल देखने लगा। अगस्त 2022 में अमृतपाल दुबई से अकेला ही पंजाब आया था। अमृतपाल ने जरनैल सिंह भिंडरावाला के गांव रोडे में ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के नए मुखिया के तौर पर ओहदा संभाला। यह संगठन दिल्ली हिंसा के आरोपी दीप सिद्धू ने बनाया था।
Published on:
23 Apr 2023 06:01 pm
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