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राजस्थान के रणबांकुरे: जयपुर के अभिमन्यु सिंह ने कमांड की एनडीए परेड

जयपुर के कैडेट अभिमन्यु सिंह भी ऐसा ही प्रयाय बन गए हैं। महाराष्ट्र के पूणे में स्थित नेशनल डिफेन्स अकादमी में सोमवार को हुए दीक्षांत समारोह में कैडेट अभिमन्यु सिंह ने 142वीं बटालियन का ने केवल नेतृत्व किया बल्कि अकादमी के सभी क्षेत्रों में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति स्वर्ण पदक भी हासिल किया।

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कैडेट अभिमन्यु सिंह ने 142वीं बटालियन का ने केवल नेतृत्व किया

अभिमन्यु-यह नाम ही ऐसा है जो जीवन के प्रारब्ध से ज्ञान और कौशल का स्वामी होने का पर्याय बन चुका है। जयपुर के कैडेट अभिमन्यु सिंह भी ऐसा ही प्रयाय बन गए हैं। महाराष्ट्र के पूणे में स्थित नेशनल डिफेन्स अकादमी में सोमवार को हुए दीक्षांत समारोह में कैडेट अभिमन्यु सिंह ने 142वीं बटालियन का ने केवल नेतृत्व किया बल्कि अकादमी के सभी क्षेत्रों में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति स्वर्ण पदक भी हासिल किया। उन्हें देहरादून स्थित राष्ट्रीय इंडियन मिलट्री कालेज में भी स्वार्ड आफ आनर का सम्मान हासिल किया था।

पत्रिका से विशेष बातचीत करते हुए कैडेट अभिमन्यु सिंह ने बताया कि उनकी शुरू से इच्छा रही थी कि वह भारतीय सेना में जाएं। उनके दादा मूल सिंह राठौंड जी सेना के मेडिकल कोर में थे। ऐसे में मन में बचपन से इच्छा थी लेकिन यह इच्छा प्रबल तब हो गई जब उन्होंने देहरादून स्थित राष्ट्रीय इंडियन मिलट्री कालेज के आठवीं कक्षा में दाखिला लिया। उसके बाद तैयारी की और 17 साल की उम्र में यहां आ गए। अब एक साल भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में प्रशिक्षण लेंगे और फिर सैन्य अधिकारी के रूप में भारतीय सेना में प्रवेश करेंगे।

कैडेट अभिमन्यु के पिता तेजपाल सिंह ने बताया कि अभिमन्यु शुरू से ही बेहतरीन छात्र रहे। इस एनडीए की प्रवेश परीक्षा को पहली बार में ही अखिल भारतीय स्तर पर दूसरे रैंक के साथ पास किया। तेजपाल सिंह ने बताया कि वह शिक्षा से संबंधी व्यवसाय में शामिल हैं और कैडेट की मां रतन कंवर सरकारी शिक्षिका हैं। घर में शिक्षा का बेहतर वातावरण रहा और दादा जी अभिमन्यु के लिए उत्प्रेरक बने।

IMA IMAGE CREDIT: IMA
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अजमेर के नितिन शर्मा को मिला कांस्य
नेशनल डिफेन्स अकादमी की 142वीं बटालियन का कांस्य पदक भी राजस्थान के हिस्से आया है। राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल अजमेर में शिक्षा प्राप्त किए कैडेट नितिन शर्मा ने यह पदक अकादमी के कई मानदंडों पर खरा उतरते हुए प्राप्त किया है। शर्मा के पिता सेना में ही सुबेदार मेजर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी दादा सेना में मानद कैप्टन के पद से सेवानिवृत हुई हैं। नितिन शर्मा बताते हैं कि वह खुश हैं सेना में अपने परिवार की परंपरा को वह आगे ले जा रहे हैं। पिता और दादा जी ने यही सीख दी थी कि जो भी काम करो पूरी सिददत से करो और इसी सीख ने हमेशा मेरी मदद की है। रजत पदक कैडेट अरविंद चौहान को मिला है। वह राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल बंगलौर के छात्र रहे हैं।

317 कैडेट ने पास किया एनडीए

नेशनल डिफेन्स अकादमी की 142वीं बटालियन का दीक्षांत समारोह सोमवार सुबह शानदार परेड के साथ संपन्न हुआ। इस मौके पर मुख्यअतिथि के रूप में वायु सेना प्रमुख वीआर चौधरी शामिल हुए। पासिंग आउट परेड में 317 स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था। इसमें से 212 भारतीय सेना, 36 भारतीय नौ सेना और 69 भारतीय वायु सेना से हैं। मित्र राष्ट्र की सेना से 19 कैडेट भी शामिल रहे। इसमें भूटान, तजाकिस्तान, मालदीव,वियतनाम, अफगानिस्तान, श्रीलंका, म्यांमार और सूडान है। गौरतलब है कि एनडीए सशस्त्र बलों की संयुक्त अकादमी है जहां पर कैडटों को संबंधित सेवा अकादमियों में कमीशन देने से पहले का प्रशिक्षण देने से पहले संयुक्त रूप से प्रशिक्षित किया जाता है।